ग्वालियर में भंडारा खाकर लौट रहे 15 बच्चों की तबीयत जहरीला फल खाने के बाद बिगड़ गई. बच्चों ने रास्ते में पेड़ से रतनजोत का फल तोड़कर खा लिया था. कुछ ही देर में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर की शिकायत होने लगी. परिजन पुलिस की मदद से बच्चों को कमलाराजा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सभी को निगरानी में रखा गया है.

दरअसल मामला ग्वालियर के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव का है. बताया जा रहा है कि बच्चे भंडारे से लौट रहे थे. इसी दौरान उन्होंने रास्ते में पेड़ों से रतनजोत के फल तोड़कर खा लिए,फल खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. उल्टी, दस्त, पेट दर्द, घबराहट और चक्कर आने जैसे लक्षण सामने आए. एक साथ 15 बच्चों के बीमार पड़ने से गांव में हड़कंप मच गया. परिजनों द्वारा पुलिस की मदद से सभी बच्चों को पहले जिला अस्पताल मुरार लाया गया, जहां हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल रैफर कर दिया गया. 13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि अन्य बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
बीमार बच्चों के नाम
- तनु 9 वर्ष
- सुमित 7 वर्ष
- गौरव 5 वर्ष
- प्रवीण 10 वर्ष
- दिव्या 8 वर्ष
- दिशा 11 वर्ष
- पूजा 11 वर्ष
- आरती 9 वर्ष
- तरुण 12 वर्ष
- हरिओम 13 वर्ष
- कृष्णा 11 वर्ष
- अंकित 13 वर्ष
- सेजल 16 वर्ष
च्चे कमलाराजा अस्पताल में भर्ती
अस्पताल में भर्ती बच्चों की उम्र पांच से 16 वर्ष के बीच बताई गई है. डॉक्टरों द्वारा बच्चों की हृदय गति, ब्लडप्रेशर और ऑक्सीजन लेवल की मोनिटरिंग की जा रही है. अधिकांश बच्चों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है, हालांकि उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम दास के मुताबिक, रतनजोत का फल खाने योग्य नहीं होता. इसके सेवन से शरीर में जहर की स्थिति बन सकती है. इसके कारण उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचाव संभव है.फिलहाल कमलाराजा अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है और चिकित्सकीय टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
