नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, आज 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली तेजी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के भाव में गिरावट आई है।

IBJA के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 190 रुपये महंगा होकर 1,62,000 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, एक किलोग्राम चांदी 1,945 रुपये सस्ती होकर 2,43,000 रुपये पर आ गई है।
इसका मतलब है कि आज सोने में हल्की तेजी और चांदी में नरमी देखने को मिल रही है। हालांकि, ये IBJA के बुलियन रेट हैं। इनमें GST, मेकिंग चार्ज और अन्य ज्वेलरी शुल्क शामिल नहीं होते। इसलिए अगर आप बाजार से आभूषण खरीदने जा रहे हैं तो आपको वास्तविक बिल में इससे अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
2026 में अब तक करीब 29 हजार रुपये महंगा हुआ सोना
साल 2026 में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1,33,000 रुपये था। अब यह बढ़कर 1,62,000 रुपये हो चुका है।
इस हिसाब से इस साल सोना अब तक करीब 29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। यानी जिसने साल की शुरुआत में सोने में निवेश किया था, उसके लिए अब तक काफी अच्छी तेजी देखने को मिली है।
हालांकि, सोने की कीमतों में इस दौरान लगातार एकतरफा तेजी नहीं रही। बाजार में कई बार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला और निवेशकों को अलग-अलग समय पर कीमतों में बड़ी गिरावट और तेजी का सामना करना पड़ा।
चांदी भी साल की शुरुआत से महंगी
चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट जरूर आई है, लेकिन साल की शुरुआत के मुकाबले यह अब भी महंगी है।
31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2,30,000 रुपये था, जबकि अब यह 2,43,000 रुपये पर है। यानी 2026 में अब तक चांदी करीब 13,000 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए इसमें निवेश करने वालों के लिए बाजार की दिशा और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।
जनवरी में सोना और चांदी ने बनाया था रिकॉर्ड
2026 में सोने और चांदी ने अपने-अपने रिकॉर्ड स्तर भी छुए। 29 जनवरी 2026 को सोना 1,76,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई तक पहुंच गया था।
इसी दिन चांदी ने भी जोरदार तेजी दिखाते हुए 3,86,000 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
मौजूदा कीमतों की तुलना रिकॉर्ड हाई से करें तो दोनों की कीमतों में फिलहाल काफी अंतर दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि बुलियन मार्केट में इस साल कितना बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
दिसंबर तक कितना महंगा हो सकता है सोना?
आने वाले महीनों में सोने की कीमत को लेकर बाजार में काफी दिलचस्पी बनी हुई है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, महंगाई, ब्याज दरों की दिशा, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद जैसे कई कारक कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने को समर्थन दे रहे हैं। इनमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी शामिल है, जो अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बनाए रखने और बढ़ाने की दिशा में खरीद करता रहा है।
उनके अनुमान के मुताबिक, यदि वैश्विक परिस्थितियां अनिश्चित बनी रहती हैं तो सोने में तेजी जारी रह सकती है और दिसंबर तक कीमत 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है।
हालांकि, यह एक बाजार अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। सोने की कीमतें वैश्विक घटनाक्रम और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तेजी या गिरावट दोनों दिखा सकती हैं।
चांदी में भी लौट सकती है तेजी
चांदी को लेकर भी बाजार में तेजी की संभावना जताई जा रही है। चांदी केवल निवेश की धातु नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।
यदि वैश्विक मांग मजबूत रहती है और निवेशकों की दिलचस्पी चांदी में बढ़ती है तो कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। दिए गए बाजार अनुमान के मुताबिक, अनुकूल परिस्थितियों में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।
लेकिन चांदी में कीमतों का उतार-चढ़ाव काफी तेज हो सकता है, इसलिए निवेशकों को केवल अनुमान के आधार पर खरीदारी करने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
सोना खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम कीमत जानना पर्याप्त नहीं है। आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप कितने कैरेट का सोना खरीद रहे हैं। कैरेट सोने की शुद्धता बताता है और अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमत भी अलग होती है।
24 कैरेट सोना
24 कैरेट को सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। इसमें करीब 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है।
यह अपेक्षाकृत नरम होता है, इसलिए इससे रोजाना पहनने वाले आभूषण कम बनाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल आमतौर पर गोल्ड बार, कॉइन और निवेश के लिए किया जाता है।
22 कैरेट सोना
22 कैरेट सोने में करीब 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। बाकी हिस्से में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं।
दूसरी धातुओं के मिश्रण से सोना अधिक मजबूत हो जाता है, इसलिए भारत में पारंपरिक ज्वेलरी बनाने में 22 कैरेट सोने का काफी इस्तेमाल होता है।
18 कैरेट सोना
18 कैरेट सोने में करीब 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का होता है।
इसकी मजबूती और डिजाइन के विकल्पों के कारण आधुनिक और फैशनेबल ज्वेलरी में 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल काफी आम है।
ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ Gold Rate न देखें
जब आप दुकान पर सोना खरीदने जाते हैं तो केवल यह पूछना पर्याप्त नहीं है कि आज सोने का भाव क्या है। आपको यह भी पूछना चाहिए कि ज्वेलरी कितने कैरेट की है, प्रति ग्राम या 10 ग्राम दर क्या है और मेकिंग चार्ज कितना लगाया जा रहा है।
कई बार सोने का बेस रेट आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद अंतिम बिल काफी बढ़ सकता है।
BIS Hallmark जरूर चेक करें
सोने की ज्वेलरी खरीदते समय BIS Hallmark की जांच करना बेहद जरूरी है। हॉलमार्क सोने की शुद्धता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देता है।
ज्वेलरी पर मौजूद हॉलमार्क और संबंधित पहचान संख्या को देखकर ग्राहक सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी की पुष्टि कर सकता है। खरीदारी करते समय केवल दुकानदार के मौखिक दावे पर भरोसा करने के बजाय हॉलमार्क की जांच करना बेहतर है।
Gold Rate को खरीदारी से पहले करें Cross Check
सोना खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर जांचें। IBJA जैसे विश्वसनीय स्रोतों से उपलब्ध बुलियन रेट को देखकर आप बाजार की कीमत का अंदाजा लगा सकते हैं।
इसके बाद ज्वेलर द्वारा बताए जा रहे रेट से इसकी तुलना करें। खासकर बड़ी खरीदारी करते समय कुछ रुपये प्रति ग्राम का अंतर भी अंतिम बिल में बड़ा फर्क पैदा कर सकता है।
Making Charges पर जरूर करें बातचीत
ज्वेलरी खरीदते समय Making Charges को नजरअंदाज करना बड़ी गलती हो सकती है। यह वह शुल्क है जो ज्वेलर आभूषण बनाने की लागत के रूप में लेता है।
मेकिंग चार्ज हर ज्वेलरी, डिजाइन और दुकान के हिसाब से अलग हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले इसका स्पष्ट ब्रेकअप मांगना चाहिए।
बड़ी खरीदारी में मेकिंग चार्ज को लेकर ज्वेलर से बातचीत भी की जा सकती है। यदि दो दुकानों के सोने के बेस रेट लगभग समान हैं, तो कम मेकिंग चार्ज वाली दुकान पर अंतिम बिल कम हो सकता है।
खरीदारी के समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. कैरेट जरूर पूछें: 24K, 22K या 18K में से कौन सा सोना है, यह स्पष्ट करें।
2. BIS Hallmark देखें: ज्वेलरी की शुद्धता और पहचान से जुड़ी जानकारी जांचें।
3. आज का Gold Rate चेक करें: खरीदारी से पहले बाजार भाव की तुलना करें।
4. Making Charges का पूरा हिसाब लें: केवल सोने की कीमत नहीं, बल्कि मेकिंग और अन्य शुल्क भी पूछें।
5. अंतिम बिल जरूर लें: बिल में सोने का वजन, शुद्धता, दर, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स का विवरण देख लें।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा स्थिति में सोना और चांदी दोनों ही इस साल की शुरुआत की तुलना में महंगे स्तर पर हैं। सोने में वैश्विक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कारक तेजी को समर्थन दे सकते हैं, जबकि चांदी में औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लेकिन कीमतों में तेजी के बावजूद निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि पिछले प्रदर्शन या किसी अनुमान के आधार पर भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं होती। बाजार में अचानक गिरावट भी आ सकती है।
अगर उद्देश्य निवेश है तो खरीदारी अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर करना बेहतर है।
आज का सार
- 24 कैरेट सोना: ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम
- सोने में आज बदलाव: ₹190 की तेजी
- चांदी: ₹2,43,000 प्रति किलो
- चांदी में आज बदलाव: ₹1,945 की गिरावट
- 2026 में सोने की बढ़त: करीब ₹29,000 प्रति 10 ग्राम
- 2026 में चांदी की बढ़त: करीब ₹13,000 प्रति किलो
- सोने का 2026 हाई: ₹1,76,000 प्रति 10 ग्राम
- चांदी का 2026 हाई: ₹3,86,000 प्रति किलो
ध्यान रखें कि IBJA के रेट में GST और ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए दुकान पर आभूषण खरीदते समय वास्तविक कीमत इससे अधिक हो सकती है। खरीदारी से पहले ताजा रेट, हॉलमार्क, वजन और पूरे बिल का मिलान जरूर करें।
