रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी के विदेशी ताकतों से जुड़े बयान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बातों में अब कोई दम नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है। जब उनके पास जनता के सामने उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचता, तो वे इस तरह की बातें करके लोगों को भड़काने का प्रयास करते हैं। हालांकि, देश की जनता अब उनकी बातों में आने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली दौरे से रायपुर लौटने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के बयान के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी के बयान पर CM साय ने क्या कहा?
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी ताकतों की मदद से प्रधानमंत्री बनाए जाने संबंधी आरोपों पर मुख्यमंत्री साय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातों में अब कोई दम नहीं रह गया है। कांग्रेस के पास जब कोई मुद्दा नहीं बचता, तब इस तरह की फिजूल की बातें की जाती हैं।
सीएम साय ने कहा कि देश की जनता सब कुछ जानती है और अब ऐसे बयानों से प्रभावित होने वाली नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक मुद्दों के अभाव में इस तरह के आरोप लगाने का आरोप लगाया।
अमित शाह के दौरे पर कांग्रेस के सवालों का भी दिया जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों पर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है।
सीएम साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के असहयोगात्मक रवैये के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लंबे समय तक पनपता रहा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। उनके दौरे में राज्योत्सव के समापन समारोह सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।
दिल्ली दौरे में रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दिल्ली प्रवास की जानकारी देते हुए बताया कि वे भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 में शामिल हुए। इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर चर्चा हुई।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कुल बिजली मांग का फिलहाल लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा हरित ऊर्जा से पूरा हो रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 45 प्रतिशत से अधिक करना है। Fortune India+1
खैरा गांव बना सौर ऊर्जा का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए राजनांदगांव जिले के खैरा गांव का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि गांव के सभी घरों में सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने और सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
ग्रीन एनर्जी में 1.33 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए प्रस्तावित निवेश की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अगले पांच वर्षों के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में करीब 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं हैं।
इसमें 23,923 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। वहीं ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के विस्तार के लिए करीब 3.27 लाख करोड़ रुपये की योजना है। इसके अलावा ऊर्जा भंडारण और अन्य परियोजनाओं में भी निवेश की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। Hindusthan Samachar English+2
प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मौजूदा लगभग 3,000 मेगावाट से बढ़ाकर 15,000 मेगावाट करना है। इसके लिए सौर ऊर्जा, जल विद्युत, पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज जैसी परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मीडिया से चर्चा में राष्ट्रीय राजनीति, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद और प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। राहुल गांधी के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया के साथ ही दिल्ली में पेश की गई ऊर्जा निवेश कार्ययोजना भी चर्चा में रही।
