अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा अपडेट साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ करते हुए बताया कि प्रदेश को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। सरकार के अनुसार इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अग्रवाल समाज की उद्यमिता, व्यापारिक कौशल, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज ने केवल व्यापार और व्यवसाय के क्षेत्र में ही अपनी पहचान नहीं बनाई, बल्कि उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में भी योगदान दिया है।

महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, सहयोग, करुणा और सहभागिता पर आधारित व्यवस्था की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री के अनुसार जो लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें जरूरतमंद लोगों का सहयोग करते हुए उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज ने इन मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने व्यवहार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ाया है।
व्यापार के साथ समाजसेवा में भी योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल व्यापारिक सफलता तक सीमित नहीं है। समाज के अनेक उद्यमियों और संस्थाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्मशाला निर्माण, स्वास्थ्य शिविर और अन्य जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है।
उन्होंने कोरोना महामारी के कठिन दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने, मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की सहायता करने में समाज के लोगों ने योगदान दिया।
निवेश के लिए उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर काम कर रही है, जिससे उद्योगों का विस्तार हो, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हों।
उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े अनुभवी लोगों के सुझावों से सरकारी नीतियों को अधिक व्यावहारिक बनाने में मदद मिलती है। सरकार उद्योगों और उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ-साथ रोजगार केंद्रित विकास पर जोर दे रही है।
औद्योगिक नीति 2024-30 में MSME और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री के मुताबिक औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों यानी MSME सेक्टर को प्रोत्साहित करने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटन से जुड़े होटल, होम-स्टे, सेवाओं और अन्य गतिविधियों में निवेश को बढ़ावा देना है।
सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़े के अनुसार अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह राशि निवेश प्रस्तावों की है; वास्तविक निवेश और उससे पैदा होने वाले रोजगार का स्तर परियोजनाओं के धरातल पर उतरने पर निर्भर करेगा।
युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का स्टार्टअप मिशन
मुख्यमंत्री ने युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए जा रहे ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ का भी उल्लेख किया।
इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है।
इसके अलावा:
- 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित किए जाएंगे।
- 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।
- युवाओं को नई तकनीक और नवाचार से जोड़ने का प्रयास होगा।
- स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
- कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है।
इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के मूल्य संवर्धित उत्पादों को देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।
नीति के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को नए बाजार उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
सरगुजा में पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाएं
अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरगुजा में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से इन क्षेत्रों में निवेश और सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन छोटे कारोबारियों और नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब परिवार की जिम्मेदारियों के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा दे रही है।
युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ उद्यमी बनने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी के सामने तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में कई अवसर हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने संस्कार और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक को अपनाएं। साथ ही केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि नए विचारों के साथ अपना उद्यम शुरू करने और दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
स्वास्थ्य और योग को भी दिया गया महत्व
अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य और योग से जुड़े कार्यक्रमों को शामिल किए जाने की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कामकाज की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
उनके अनुसार स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। इसलिए आर्थिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
‘दशम अग्र अलंकरण’ से प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का किया शुभारंभ
अग्र महाकुंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों एवं कारोबार से जुड़ी जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन भी किया।
राजेश अग्रवाल बोले- समृद्धि का मतलब सबको आगे बढ़ाना
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अग्र महाकुंभ केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना, संगठन शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और भविष्य की दिशा पर विचार करने का अवसर है।
उन्होंने महाराजा अग्रसेन के सामाजिक आदर्शों का उल्लेख करते हुए समानता, सहयोग, संवेदनशीलता और सहभागिता को समाज की प्रगति का आधार बताया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
अग्र महाकुंभ-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर अजीत वसंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर और सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को अग्र महाकुंभ के आयोजन के लिए बधाई दी।
निवेश से रोजगार तक, अब नजर परियोजनाओं के धरातल पर उतरने पर
अग्र महाकुंभ में मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ को 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। सरकार की औद्योगिक नीति में MSME, महिला उद्यमिता, पर्यटन, स्टार्टअप और निर्यात जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के प्रावधानों पर जोर है।
अब इन निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना और युवाओं तथा छोटे उद्यमियों को इन अवसरों से जोड़ना आगे की महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी। इसी दिशा में 500 करोड़ रुपये के स्टार्टअप एवं निपुण मिशन और 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्रों की प्रस्तावित व्यवस्था को भी अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
