रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आगामी धान खरीदी सीजन 2026-27, कस्टम मिलिंग नीति, राज्योत्सव की तैयारियों और कर्मचारी संगठनों की मांगों को लेकर होने वाली चर्चा पर किसानों, कर्मचारियों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

प्रदेश में धान खरीदी का सीजन नजदीक होने के कारण इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से धान उपार्जन की व्यवस्था और कस्टम मिलिंग नीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। हालांकि, इन विषयों पर बैठक में क्या निर्णय लिया गया है, इसकी पुष्टि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
धान खरीदी सीजन 2026-27 पर अहम चर्चा की संभावना
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसानों और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान उपार्जन की तैयारियों को लेकर कैबिनेट में चर्चा होने की संभावना है। धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित करने, उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, किसानों को भुगतान और धान के भंडारण जैसे विषय महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
धान खरीदी व्यवस्था से जुड़े फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों किसानों पर पड़ता है। ऐसे में किसानों को यह उम्मीद है कि सरकार खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने और उपार्जन के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठा सकती है।
कस्टम मिलिंग नीति को अंतिम रूप देने पर नजरें
धान खरीदी के साथ ही कस्टम मिलिंग नीति भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल बताई जा रही है। कस्टम मिलिंग के तहत उपार्जित धान को मिलर्स के माध्यम से चावल में परिवर्तित कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जमा कराया जाता है। इस प्रक्रिया में मिलर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
नई नीति में मिलिंग की प्रक्रिया, धान के उठाव, चावल जमा करने की व्यवस्था और संबंधित नियमों को लेकर निर्णय लिए जाने की संभावना है। नीति को अंतिम रूप दिए जाने से धान खरीदी के बाद उसके प्रसंस्करण और भंडारण की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नीति के अंतिम प्रावधानों की जानकारी आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
1 नवंबर से राज्योत्सव, तैयारियों पर भी चर्चा संभव
छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से राज्योत्सव के आयोजन को लेकर भी तैयारियां महत्वपूर्ण हैं। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है।
कैबिनेट बैठक में राज्योत्सव की तैयारियों, आयोजन से जुड़े विभागीय समन्वय और कार्यक्रमों की व्यवस्था पर चर्चा होने की संभावना है। आयोजन को लेकर सरकार की ओर से किसी नई घोषणा या कार्यक्रम की जानकारी सामने आती है, तो वह भी महत्वपूर्ण होगी।
कर्मचारी संगठनों की मांगों पर भी टिकी निगाहें
बैठक में कर्मचारी संगठनों की मांगों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के कर्मचारी विभिन्न सेवा संबंधी विषयों, सुविधाओं और लंबित मांगों को लेकर समय-समय पर सरकार के समक्ष अपनी बात रखते रहे हैं।
ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि कैबिनेट बैठक में उनकी मांगों से जुड़े विषयों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किसी मांग को स्वीकार किए जाने, वेतन-भत्तों में बदलाव या अन्य सेवा संबंधी राहत की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कैबिनेट के फैसलों का इंतजार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक के निर्णय कृषि, प्रशासन और राज्योत्सव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। खास तौर पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग नीति को लेकर होने वाला फैसला किसानों, राइस मिलर्स और संबंधित विभागों के लिए अहम रहेगा।
बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रदेश की नजरें कैबिनेट के निर्णयों और संभावित घोषणाओं पर टिकी हुई हैं।
