धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार एक आरोपी मेडिकल परीक्षण (मेडिकल मुलाहिजा) के दौरान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से भागने की घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीर मानते हुए धमतरी पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले एक एएसआई सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

गांजा तस्करी के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार फरार आरोपी की पहचान पलाश गजभिए के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के नागपुर का रहने वाला है। कुछ दिन पहले धमतरी पुलिस ने उसे गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया और इसके बाद अनिवार्य मेडिकल परीक्षण के लिए नगरी अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में मिला भागने का मौका
बताया जा रहा है कि मेडिकल जांच के दौरान पुलिसकर्मी आरोपी की निगरानी कर रहे थे, लेकिन इसी बीच पलाश गजभिए ने मौका देखकर पुलिस को चकमा दिया और अस्पताल परिसर से फरार हो गया। जब तक पुलिसकर्मी स्थिति को समझ पाते, आरोपी उनकी पकड़ से काफी दूर निकल चुका था।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने अस्पताल और आसपास के इलाकों में आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद जिलेभर में अलर्ट जारी कर फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
आरोपी का पुलिस अभिरक्षा से इस तरह फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस आरोपी को गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया गया था, उसका मेडिकल जांच के दौरान भाग निकलना पुलिस की बड़ी चूक माना जा रहा है।
इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर पुलिस की निगरानी में मौजूद आरोपी इतनी आसानी से कैसे फरार हो गया। अस्पताल जैसी सार्वजनिक जगह पर सुरक्षा व्यवस्था में हुई यह लापरवाही पुलिस विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
SP ने दिखाई सख्ती, चार पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की जानकारी मिलते ही धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने तत्काल विभागीय जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में—
- एएसआई सोनचंद डहरिया
- आरक्षक अजय नेताम
- आरक्षक हिमेश नेताम
- आरक्षक डीगेश्वरी साहू
शामिल हैं।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने फरार आरोपी पलाश गजभिए की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। जिले के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस से भी संपर्क कर आरोपी की तलाश में सहयोग मांगा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने अकेले भागने की योजना बनाई थी या उसे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद मिली थी।
विभागीय जांच भी जारी
पुलिस विभाग ने इस पूरे मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और क्या निलंबित पुलिसकर्मियों के अलावा किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी जिम्मेदारी बनती है। यदि जांच में अन्य कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा में आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
