रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही है। आमतौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून की चाल सुस्त पड़ गई है। स्थिति यह है कि जहां बारिश बढ़नी चाहिए थी, वहीं प्रदेश के मध्य इलाकों में गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की चेतावनी भी दी गई है।

मानसून की गति क्यों हुई धीमी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली (सिस्टम) सक्रिय नहीं है। सामान्यतः इन क्षेत्रों में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) मानसून को गति देते हैं, लेकिन इस बार ऐसे सिस्टम विकसित नहीं होने से मानसून आगे बढ़ने में सुस्ती दिखा रहा है।
इसी कारण प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों तक भी मानसून पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में अब भी मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार है।
अब तक सामान्य से काफी कम बारिश
जून के शुरुआती 21 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि पूरे प्रदेश में अब तक सिर्फ 32.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम है।
- प्रदेश का कोई भी जिला अब तक सामान्य वर्षा के लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया है।
- पिछले वर्ष 21 जून तक मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो चुका था।
- इस बार मानसून की प्रगति काफी धीमी बनी हुई है।
कम बारिश का असर खेती-किसानी की तैयारियों पर भी पड़ने लगा है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि खरीफ फसलों की बुवाई तेज हो सके।
23 जून के बाद सुधर सकती है स्थिति
मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं।
यदि बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली विकसित होती है तो बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। हालांकि फिलहाल व्यापक और लगातार बारिश के संकेत अभी मजबूत नहीं हैं।
अगले दो दिन गर्मी से राहत नहीं
बारिश की संभावना के बावजूद प्रदेश के मध्य क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार—
- अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।
- कुछ जिलों में हीट वेव (लू जैसी स्थिति) बनने की आशंका है।
- दोपहर के समय तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
बिलासपुर रहा प्रदेश का सबसे गर्म शहर
रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में दर्ज किया गया।
- बिलासपुर: 41.8 डिग्री सेल्सियस (अधिकतम तापमान)
- अंबिकापुर: 22.9 डिग्री सेल्सियस (न्यूनतम तापमान)
यह तापमान दर्शाता है कि मानसून की सुस्ती के कारण कई इलाकों में गर्मी अभी भी बरकरार है।
रायपुर का आज का मौसम
राजधानी रायपुर में सोमवार को मौसम बदलने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के अनुसार—
- दिनभर बादल छाए रह सकते हैं।
- गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
- तेज हवाएं चल सकती हैं।
- अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- न्यूनतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हालांकि बारिश होने के बावजूद उमस बनी रहने की संभावना है।
इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी
सोमवार सुबह मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
अलर्ट वाले जिले हैं—
- सुकमा
- बीजापुर
- दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा)
- बस्तर
- नारायणपुर
- कोंडागांव
- धमतरी
- गरियाबंद
इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित भवन में शरण लें।
- तेज गर्मी के दौरान दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप से बचाव करें।
- किसान मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून की धीमी रफ्तार का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश आवश्यक होती है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि 23 जून के बाद मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और बारिश की गतिविधियों में सुधार देखने को मिल सकता है।
