बस्तर जिले ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (NMMS) परीक्षा 2025-26 में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष जहां जिले से केवल दो विद्यार्थियों का चयन हुआ था, वहीं इस बार चयनित छात्रों की संख्या बढ़कर 177 पहुंच गई है। इस शानदार प्रदर्शन को शिक्षा विभाग की सुनियोजित रणनीति, नियमित मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
जिले के बकावंड विकासखंड ने सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 130 विद्यार्थियों का चयन कराया, जबकि लोहंडीगुड़ा विकासखंड से 37 छात्रों ने सफलता प्राप्त की। ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने जिले की शैक्षणिक क्षमता को नई पहचान दिलाई है।

शिक्षा विभाग ने परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष अभियान चलाया था। विद्यार्थियों को ओएमआर शीट आधारित मॉक टेस्ट कराए गए, नियमित अभ्यास सत्र आयोजित किए गए और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन विश्लेषण कराया गया। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण, समूह अध्ययन और डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई, जिससे विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत हुई।
राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलेगी।
बस्तर की इस सफलता ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और योजनाबद्ध तैयारी से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी बड़े स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग अब इस मॉडल को अन्य विद्यालयों में भी लागू करने और आगामी वर्षों में और बेहतर परिणाम हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।
