बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का वार्षिक समर वेकेशन समाप्त हो गया है। सोमवार, 15 जून से हाईकोर्ट में एक बार फिर नियमित न्यायिक कार्य शुरू हो गए हैं। अवकाश समाप्त होने के साथ ही सभी खंडपीठों में लंबित मामलों की नियमित सुनवाई होगी और न्यायिक प्रक्रिया सामान्य रूप से संचालित की जाएगी।
हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए कॉज लिस्ट (Cause List) भी जारी कर दी है। इसके अनुसार विभिन्न अदालतों में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई निर्धारित समय पर होगी। अधिवक्ताओं, पक्षकारों और संबंधित अधिकारियों को कॉज लिस्ट के अनुसार न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

लंबित मामलों की सुनवाई में आएगी तेजी
समर वेकेशन के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक और अवकाशकालीन मामलों की ही सुनवाई की जा रही थी। अब नियमित पीठों के कामकाज शुरू होने से—
- लंबित याचिकाओं की सुनवाई में तेजी आएगी।
- जमानत, सिविल, आपराधिक और संवैधानिक मामलों पर नियमित सुनवाई होगी।
- नए मामलों का पंजीयन और सुनवाई भी सामान्य प्रक्रिया के अनुसार होगी।
- न्यायिक कार्यों की गति पहले की तरह बहाल हो जाएगी।
इससे उन हजारों पक्षकारों और अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनके मामले नियमित सुनवाई का इंतजार कर रहे थे।
कॉज लिस्ट जारी
हाईकोर्ट प्रशासन ने सोमवार से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए सभी कोर्टों की कॉज लिस्ट जारी कर दी है। इसमें प्रत्येक न्यायालय में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामलों का विवरण उपलब्ध कराया गया है, ताकि अधिवक्ता और पक्षकार अपनी-अपनी सुनवाई की तैयारी समय पर कर सकें।
वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था समाप्त
समर वेकेशन के दौरान लागू की गई वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी अब समाप्त कर दी गई है। सोमवार से हाईकोर्ट के सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
इसके साथ ही प्रशासनिक शाखाओं का कामकाज भी पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाएगा, जिससे फाइलों के निस्तारण, आदेशों की प्रतिलिपि जारी करने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
वाहन साझा करने की अपील
हाईकोर्ट प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से व्हीकल शेयरिंग (Vehicle Sharing) अपनाने की अपील की है।
प्रशासन का मानना है कि वाहन साझा करने से—
- ईंधन की खपत कम होगी,
- यातायात का दबाव घटेगा,
- प्रदूषण में कमी आएगी,
- और सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।
न्यायिक व्यवस्था फिर सामान्य
समर वेकेशन समाप्त होने के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक और प्रशासनिक गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हो गई हैं। नियमित सुनवाई शुरू होने से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, कार्यालयीन व्यवस्था की पूर्ण बहाली से न्यायालय का समग्र कामकाज भी पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित होगा।
