Business Desk। सोने की कीमतों में गुरुवार, 5 नवंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में उछाल आया है। भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,44,570 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 22 कैरेट सोना भी महंगा होकर 1,32,420 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।

पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में 24 कैरेट सोने की कीमत में 3,240 रुपए और 22 कैरेट सोने में 2,970 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत करीब 2 प्रतिशत उछलकर 4,134.83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यह 22 अक्टूबर के बाद सोने का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
सोने की कीमतों में आई इस तेजी से निवेशकों और सर्राफा बाजार में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में सोने की खरीदारी करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण है। वहीं, निवेशकों की नजर अब अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों पर टिकी हुई है।
अमेरिकी चुनाव के बाद सोने में तेजी, ट्रम्प की पार्टी को झटका
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों को एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है। डॉलर में गिरावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर देखने को मिला।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तब अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना आसान होता है और इसकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया है। निवेशक ऐसे समय में सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं।
सोने की कीमतों में तेजी की 3 बड़ी वजहें
1. अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
सोने की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी को माना जा रहा है। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद डॉलर पर दबाव देखने को मिला। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ सकती है।
इसका कारण यह है कि डॉलर के अलावा दूसरी मुद्राओं में निवेश करने वाले लोगों के लिए सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिलती है।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट
अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड घटकर 4.87 प्रतिशत पर आ गई। बॉन्ड यील्ड में गिरावट को भी सोने की कीमतों में तेजी की एक वजह माना जा रहा है।
दरअसल, सोना ऐसा निवेश विकल्प है, जिस पर निवेशकों को नियमित ब्याज नहीं मिलता। जब सरकारी बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश विकल्पों से मिलने वाला रिटर्न कम होता है, तब सोने की आकर्षकता बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने पर विचार करते हैं।
3. वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों को प्रभावित करता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के बावजूद वैश्विक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
ऐसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाले विकल्पों के बजाय सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश का माध्यम माना जाता रहा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौरान इसकी मांग बढ़ सकती है।
इंदौर, भोपाल, दिल्ली और मुंबई में सोने के ताजा भाव
5 नवंबर को देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिला। स्थानीय टैक्स, परिवहन खर्च और सर्राफा बाजार की परिस्थितियों के कारण अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक समान नहीं होते।
5 नवंबर 2026 | कीमत प्रति 10 ग्राम
| शहर | 24 कैरेट सोना | 22 कैरेट सोना |
|---|---|---|
| इंदौर | ₹1,42,860 | ₹1,30,960 |
| भोपाल | ₹1,42,800 | ₹1,30,900 |
| दिल्ली | ₹1,42,960 | ₹1,31,060 |
| मुंबई | ₹1,42,810 | ₹1,30,910 |
| चेन्नई | ₹1,42,920 | ₹1,31,010 |
इन कीमतों में GST और ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। इसलिए आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को वास्तविक भुगतान इन भावों से अधिक करना पड़ सकता है।
MCX पर भी सोने की कीमतों में जोरदार उछाल
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। 5 नवंबर को सुबह करीब 8:25 बजे 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर 2.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,43,250 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह कॉन्ट्रैक्ट 1,39,452 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यानी वायदा बाजार में भी निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली।
MCX पर सोने की कीमतों में तेजी का असर सर्राफा बाजार की कारोबारी धारणा पर भी पड़ सकता है। हालांकि, वायदा बाजार और हाजिर बाजार के भाव में अंतर होता है। इसलिए दोनों के रेट को एक समान नहीं समझना चाहिए।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या होता है अंतर?
सोना खरीदने से पहले 24 कैरेट और 22 कैरेट के बीच अंतर समझना भी जरूरी है।
- 24 कैरेट सोना: इसे लगभग शुद्ध सोना माना जाता है। इसमें करीब 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बिस्किट और निवेश के लिए किया जाता है।
- 22 कैरेट सोना: इसमें लगभग 91.6 प्रतिशत सोना होता है। बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का होता है, जिन्हें मिलाने से आभूषण मजबूत बनते हैं। इसलिए ज्यादातर सोने के गहने 22 कैरेट में तैयार किए जाते हैं।
अगर आप निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो शुद्धता और खरीद-बिक्री के अंतर को समझना जरूरी है। वहीं, आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और उसकी शुद्धता की जांच जरूर करनी चाहिए।
आगे सोने की कीमतों में आएगी तेजी या मिलेगी राहत?
अब निवेशकों और आम खरीदारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोने की कीमतें आने वाले दिनों में और बढ़ेंगी या इनमें गिरावट देखने को मिलेगी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की आगे की चाल कई अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी डॉलर: अगर डॉलर कमजोर बना रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। इसके उलट डॉलर मजबूत होने पर सोने पर दबाव बढ़ सकता है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ने पर सोने की मांग को सहारा मिल सकता है।
बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट सोने के लिए सकारात्मक हो सकती है। वहीं यील्ड बढ़ने पर निवेशकों का रुझान ब्याज आधारित विकल्पों की ओर जा सकता है।
वैश्विक तनाव: अमेरिका-ईरान संबंधों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है।
सोना खरीदने वालों के लिए क्या है सलाह?
सोने की कीमतों में एक दिन में 3,000 रुपए से ज्यादा की तेजी के बाद खरीदारों के लिए बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है। अगर आप शादी या किसी अन्य जरूरत के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के भाव की तुलना करें।
साथ ही BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करें। केवल कम कीमत देखकर सोना न खरीदें, बल्कि उसकी शुद्धता, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी भी लें।
कुल मिलाकर, 5 नवंबर को सोने की कीमतों में आई तेजी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत स्थिति को दिखाया है। डॉलर की कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक नीतियां और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इसकी कीमतों की दिशा तय करेंगे।