India vs Sri Lanka Test Series: श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो सकते हैं। दाएं पैर में लगी चोट से उबरने के लिए सुदर्शन इस समय बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं।
सुदर्शन की फिटनेस में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है और उन्होंने बल्लेबाजी व फील्डिंग का अभ्यास भी शुरू कर दिया है। हालांकि, मेडिकल टीम के आकलन के अनुसार वह अभी टेस्ट क्रिकेट की प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों में वापसी के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं। ऐसे में उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय पूरी तरह फिट होने के लिए और समय दिया जा रहा है।

टीम में चुने जाने के बावजूद नहीं खेल पाएंगे साई सुदर्शन
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान पहले ही किया जा चुका था। जब चयनकर्ताओं ने टीम चुनी थी, उस समय भी साई सुदर्शन चोट से जूझ रहे थे।
हालांकि, उस वक्त उम्मीद थी कि टेस्ट सीरीज शुरू होने तक वह अपनी फिटनेस हासिल कर लेंगे। इसी संभावना को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल किया गया था।
लेकिन अब उनकी रिकवरी में अपेक्षा से थोड़ा ज्यादा समय लग रहा है। मेडिकल टीम की निगरानी में सुदर्शन लगातार रिहैब कर रहे हैं, लेकिन टेस्ट मैच में खेलने के लिए जरूरी फिटनेस हासिल करने में उन्हें अभी कुछ और वक्त चाहिए।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चल रहा है रिहैब
साई सुदर्शन फिलहाल बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में हैं।
रिहैब के दौरान उन्होंने बल्लेबाजी और फील्डिंग से जुड़े अभ्यास शुरू कर दिए हैं। यह उनकी फिटनेस में सुधार का संकेत है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ बल्लेबाजी करने के लिए फिट होना पर्याप्त नहीं होता।
टेस्ट मैच कई दिनों तक चलता है और खिलाड़ी को लगातार बल्लेबाजी, फील्डिंग और लंबे समय तक मैदान पर रहने के लिए पूरी तरह फिट होना पड़ता है। इसी वजह से मेडिकल टीम सुदर्शन की वापसी में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
मेडिकल टीम ने चयनकर्ताओं को दी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई की मेडिकल साइंस टीम ने साई सुदर्शन की फिटनेस का आकलन करने के बाद नेशनल सिलेक्शन कमेटी को उनकी स्थिति के बारे में अपडेट दिया है।
मेडिकल टीम का आकलन है कि सुदर्शन की चोट में सुधार हो रहा है, लेकिन वह अभी टेस्ट मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि उन्हें रिकवरी के लिए थोड़ा और समय दिया जाए। इसका सीधा मतलब है कि सुदर्शन को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उतारने की संभावना बेहद कम हो गई है।
साई सुदर्शन की जगह किसे मिल सकता है मौका?
साई सुदर्शन के उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके विकल्प को लेकर है।
इस रेस में सरफराज खान और ऋतुराज गायकवाड़ के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में सरफराज खान को इस दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सरफराज लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं और उन्हें टेस्ट क्रिकेट का अनुभव भी मिल चुका है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उन्हें सुदर्शन के विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
दूसरी ओर ऋतुराज गायकवाड़ भी एक विकल्प हैं। उनकी तकनीक और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन उन्हें दावेदारी में बनाए रखते हैं।
हालांकि, बीसीसीआई की ओर से साई सुदर्शन के आधिकारिक रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी नहीं किया गया है। इसलिए अंतिम फैसला चयन समिति के हाथ में होगा।
क्या सरफराज खान को मिलेगा बड़ा मौका?
साई सुदर्शन के बाहर होने से सरफराज खान के लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का रास्ता खुल सकता है।
सरफराज ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया है और घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई थी।
अगर चयनकर्ता उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टीम में शामिल करते हैं, तो उनके पास खुद को साबित करने का एक और बड़ा मौका होगा।
हालांकि, चयन समिति के भीतर सरफराज के नाम को लेकर पूरी तरह एकमत राय होने की बात स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।
टीम इंडिया को लगा दूसरा बड़ा झटका
साई सुदर्शन का बाहर होना श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम के लिए एक और झटका है।
इससे पहले जसप्रीत बुमराह को लेकर भी टीम की योजनाओं पर सवाल उठे थे। ऐसे में सुदर्शन की चोट ने टीम की तैयारियों को और प्रभावित किया है।
टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष क्रम का महत्व काफी ज्यादा होता है। सुदर्शन को टीम में शामिल किए जाने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम में एक युवा विकल्प मौजूद था। उनके बाहर होने के बाद अब चयनकर्ताओं को उनकी जगह ऐसा बल्लेबाज चुनना होगा जो टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दे सके।
साई सुदर्शन क्यों हैं टीम के लिए महत्वपूर्ण?
साई सुदर्शन ने कम समय में भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह टीम के बल्लेबाजी क्रम में विविधता भी लाते हैं।
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के अलावा उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी अपनी क्षमता दिखाई है। उनकी तकनीक और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए एक उपयोगी विकल्प माना जा रहा था।
इसी वजह से उनकी चोट टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
टीम मैनेजमेंट नहीं लेना चाहता कोई जोखिम
सुदर्शन की फिटनेस में सुधार होने के बावजूद उन्हें तुरंत टेस्ट मैच में खिलाने का फैसला नहीं लिया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह चोट के दोबारा उभरने का खतरा है।
अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट हुए बिना मैदान पर लौटता है तो चोट गंभीर होने की संभावना बढ़ सकती है। इससे खिलाड़ी लंबे समय के लिए क्रिकेट से दूर हो सकता है।
इसी कारण बीसीसीआई की मेडिकल टीम और टीम मैनेजमेंट सुदर्शन की वापसी को लेकर सावधानी बरत रहे हैं।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल साई सुदर्शन का फोकस पूरी तरह से रिहैब और फिटनेस हासिल करने पर है। अगर वह जल्द ही पूरी तरह फिट हो जाते हैं, तो आगे आने वाली टेस्ट सीरीज के लिए उनकी दावेदारी बनी रहेगी।
वहीं श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में उनकी जगह कौन लेगा, इसका फैसला चयन समिति को करना होगा।
सरफराज खान और ऋतुराज गायकवाड़ इस रेस में प्रमुख नाम हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा होने तक किसी एक खिलाड़ी को पक्का रिप्लेसमेंट मानना जल्दबाजी होगी।
भारत के लिए सीरीज से पहले बढ़ी परेशानी
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत को मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी। ऐसे में साई सुदर्शन का उपलब्ध नहीं होना टीम के लिए निश्चित रूप से एक झटका है।
हालांकि, भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता सुदर्शन की जगह किसे मौका देते हैं और टीम मैनेजमेंट उस खिलाड़ी को प्लेइंग-11 में किस भूमिका में इस्तेमाल करता है।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि साई सुदर्शन की फिटनेस में सुधार जरूर हो रहा है, लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए अभी और समय चाहिए।
