रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जून 2026 की ई-ऑफिस (e-Office) रैंकिंग जारी कर दी है। यह रैंकिंग विभिन्न विभागों के फाइलों के निपटान, कार्य निष्पादन की गति (Response Time), लंबित मामलों की स्थिति और समग्र डिजिटल प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई है। इस बार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। वहीं गृह विभाग दूसरे और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तीसरे स्थान पर रहे।

राज्य सरकार का उद्देश्य ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और पेपरलेस बनाना है। विभागों की मासिक रैंकिंग से यह भी आकलन किया जाता है कि कौन-सा विभाग डिजिटल माध्यम से फाइलों का समयबद्ध निपटान कर रहा है और किन विभागों को अपने कार्य में सुधार की आवश्यकता है।



कैसे तैयार होती है ई-ऑफिस रैंकिंग?
ई-ऑफिस रैंकिंग कई प्रमुख मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- फाइलों के निपटान की गति।
- लंबित फाइलों की संख्या।
- अधिकारियों द्वारा फाइलों पर प्रतिक्रिया देने का समय (Response Time)।
- ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग।
- विभाग का समग्र डिजिटल प्रदर्शन।
इन सभी मानकों का मूल्यांकन कर प्रत्येक विभाग को अंक दिए जाते हैं, जिसके आधार पर मासिक रैंकिंग जारी की जाती है।
टॉप-5 विभागों में किसने बनाई जगह?
जून 2026 की रैंकिंग में शीर्ष पांच विभाग इस प्रकार रहे—
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग – पहला स्थान
- गृह विभाग – दूसरा स्थान
- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग – तीसरा स्थान
- ग्रामीण उद्योग विभाग – चौथा स्थान
- उद्योग एवं लोक निर्माण विभाग – टॉप-10 में स्थान
इन विभागों ने फाइलों के त्वरित निपटान और बेहतर डिजिटल कार्यप्रणाली के कारण उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अन्य प्रमुख विभागों की रैंकिंग
रैंकिंग में कई महत्वपूर्ण विभाग अपेक्षाकृत पीछे रहे। इनमें—
- स्कूल शिक्षा विभाग – 14वां स्थान
- वित्त विभाग – 15वां स्थान
- उच्च शिक्षा विभाग – 16वां स्थान
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग – 21वां स्थान
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग – 30वां स्थान
इन विभागों को कार्य निष्पादन की गति और ई-ऑफिस के बेहतर उपयोग में सुधार की आवश्यकता बताई जा रही है।
ई-ऑफिस प्रणाली से क्या होता है फायदा?
ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी कार्यालयों में फाइलों का संचालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इसके कई लाभ हैं—
- फाइलों का तेजी से निपटान।
- पारदर्शिता में वृद्धि।
- कागज के उपयोग में कमी।
- लंबित मामलों की ऑनलाइन निगरानी।
- अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आसान।
- किसी भी स्तर पर फाइल की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार लगातार सभी विभागों में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ई-ऑफिस रैंकिंग जारी करने का उद्देश्य विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है। नियमित मूल्यांकन से विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का अवसर मिलता है, जिससे अंततः आम नागरिकों को तेज और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध होती हैं।
