मुंबई। मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले की जांच में अभिनेता डीनो मोरिया का नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनसे पूछताछ की। रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को डीनो मोरिया मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां EOW के अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े सवाल किए।
यह मामला मुंबई में मीठी नदी की सफाई और डीसिल्टिंग के लिए आवंटित सरकारी राशि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच एजेंसियां करीब 65 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रही हैं। मोरिया पर मामले से जुड़े कुछ आरोपियों और ठेकेदारों से कथित कारोबारी संपर्क होने की जांच की जा रही है।

फोन रिकॉर्ड में सामने आया कथित कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को मिले कुछ फोन रिकॉर्ड के आधार पर डीनो मोरिया के संपर्क का एक आरोपी केतन कदम से होने की बात सामने आई है। इसके बाद EOW मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोको मोरिया के कथित कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच का एक हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि मोरिया परिवार से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों और मामले के आरोपियों के बीच किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं। रिपोर्टों के अनुसार, सैंटिनो मोरिया और केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम एक निजी कंपनी UBO Ridez Pvt Ltd में निदेशक रह चुके हैं।
जांच से जुड़े दस्तावेजों में जून 2025 में केतन कदम के बैंक खाते से UBO Ridez को करीब 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का भी उल्लेख किया गया था। इन लेन-देन की प्रकृति और मामले से इनके संबंध की जांच की जा रही है।
ED भी कर चुकी है मोरिया के घर पर तलाशी
मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी पहले कार्रवाई कर चुका है। जून 2025 में ED ने मुंबई, कोच्चि समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान डीनो मोरिया के मुंबई स्थित आवास पर भी जांच की गई थी।
इसके बाद ED ने डीनो मोरिया और उनके भाई को पूछताछ के लिए समन किया था। अब मुंबई पुलिस की EOW भी मामले में सामने आए कथित वित्तीय और कारोबारी संबंधों की जांच आगे बढ़ा रही है।
2005 की मुंबई बाढ़ के बाद शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
मीठी नदी की डीसिल्टिंग परियोजना का उद्देश्य मुंबई में बाढ़ के खतरे को कम करना और नदी के प्रवाह को बेहतर बनाए रखना था। 2005 की मुंबई बाढ़ के बाद BMC और अन्य संबंधित एजेंसियों ने नदी की सफाई और डीसिल्टिंग पर काम शुरू किया।
परियोजना के तहत नदी के तल से गाद और मलबा हटाने तथा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकारी राशि खर्च की गई। बाद की जांच में कथित तौर पर कागजों में दर्ज काम और जमीन पर हुए काम के बीच अंतर पाए जाने के आरोप सामने आए।
अब वित्तीय लेन-देन और भूमिका की जांच
EOW की जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि मामले से जुड़े लोगों के बीच कारोबारी संबंध किस तरह के थे और क्या किसी सरकारी परियोजना से जुड़ी रकम के कथित दुरुपयोग में इन संबंधों की कोई भूमिका थी।
डीनो मोरिया का नाम जांच में सामने आने का आधार कथित संपर्क और कारोबारी कनेक्शन बताए जा रहे हैं। मामले में उनकी भूमिका और किसी संभावित वित्तीय लेन-देन को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
