रायपुर। नकटी गांव में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पांच विधायकों ने विष्णु देव साय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकानों पर की गई तोड़फोड़ पूरी तरह अवैधानिक है और यदि सरकार पीड़ितों को न्याय नहीं देती, तो कांग्रेस उनके साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

“गरीबों के मकान तोड़े गए, कांग्रेस पीड़ितों के साथ”
धनेंद्र साहू ने कहा कि नकटी गांव में प्रशासन ने गरीबों के घरों पर कार्रवाई की, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही पीड़ितों के साथ खड़ी है और पार्टी के पांच विधायकों ने भी इस मामले में अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए वहां आवास नहीं लेने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के विधायकों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। यदि सरकार पीड़ितों को न्याय नहीं देती, तो कांग्रेस उनके साथ अदालत जाएगी।
अजय चंद्राकर के बयान पर पलटवार
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धनेंद्र साहू ने कहा कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह (चरनोई) भूमि के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि सरकार का उस जमीन पर स्वामित्व नहीं है और यह किसानों की लगानी भूमि है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानून के विपरीत है और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय इस मामले में सरकार के खिलाफ फैसला देगा।
भाजपा के चिंतन शिविर पर तंज
भाजपा के आगामी चिंतन शिविर को लेकर धनेंद्र साहू ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा को तीसरी बार “ट्रेनिंग” दी जाएगी, लेकिन यह प्रशिक्षण भ्रष्टाचार का ही होता है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा के मंत्री भ्रष्टाचार में विशेषज्ञ बन चुके हैं और अब मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच शायद उन्हें अनुशासन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
राम वन पथ गमन परियोजना पर भी उठाए सवाल
राम वन पथ गमन परियोजना को लेकर धनेंद्र साहू ने कहा कि भाजपा भगवान राम का केवल राजनीतिक उपयोग करती है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना के तहत विकास कार्य कराए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर काम रोक दिए। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भ्रष्टाचार हुआ है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, लेकिन धार्मिक परियोजनाओं का विकास बाधित नहीं होना चाहिए।
स्कूलों में मंत्रोच्चार विवाद पर प्रतिक्रिया
स्कूलों में मंत्रोच्चार संबंधी याचिका को हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर धनेंद्र साहू ने कहा कि न्यायालय ने सोच-समझकर फैसला दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के बजाय मंत्र याद कराने पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
रवि भगत के इस्तीफे को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रवि भगत के इस्तीफे पर धनेंद्र साहू ने कहा कि यह सरकार के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है और भाजपा के कई नेता सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। साहू ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे और इस्तीफे भी देखने को मिल सकते हैं।
विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार को घेरा
प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का उल्लेख करते हुए धनेंद्र साहू ने सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
दीपक बैज पर अजय चंद्राकर की टिप्पणी का जवाब
दीपक बैज के नेतृत्व पर अजय चंद्राकर की टिप्पणी के जवाब में धनेंद्र साहू ने कहा कि अजय चंद्राकर वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उन्हें पहले अपनी पार्टी में अपनी स्थिति की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हाईकमान का जो भी निर्णय होगा, वही अंतिम होगा और तब तक दीपक बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।
