रायपुर। मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। वायरल वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए उन्हें ‘कलयुग में शंकर का अवतार’ बताते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता अजय साहू ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और पंडित प्रदीप मिश्रा पर तीखा हमला बोला।
अजय साहू ने वीडियो साझा करते हुए धार्मिक आस्था और राजनीतिक प्रचार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपने पोस्ट में पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। साथ ही उन्होंने कथावाचकों पर बीजेपी के समर्थन में प्रचार करने का आरोप लगाते हुए हिंदू समाज से ऐसे बयानों को लेकर सतर्क रहने की अपील की।

वायरल वीडियो में क्या कह रहे हैं पंडित प्रदीप मिश्रा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा पहलगाम आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए अमित शाह की भूमिका और उनके द्वारा लिए गए फैसलों का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने अमित शाह को कलयुग में भगवान शंकर के अवतार के रूप में संबोधित किया।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बीजेपी समर्थक इसे पंडित प्रदीप मिश्रा की व्यक्तिगत धार्मिक अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक समर्थन और प्रचार से जोड़कर देख रहे हैं।
बताया जा रहा है करीब एक साल पुराना वीडियो
वायरल वीडियो को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। यानी वीडियो हाल का नहीं है, बल्कि इसे अब दोबारा सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद चर्चा मिली है।
वीडियो में पहलगाम हमले का जिक्र होने की वजह से इसके पुराने होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर किसी पुराने वीडियो के दोबारा वायरल होने की स्थिति में उसके मूल संदर्भ और रिकॉर्डिंग की तारीख की स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी होता है।
कांग्रेस नेता अजय साहू ने किया वीडियो शेयर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता अजय साहू ने इस वीडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा और कथावाचकों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने लिखा कि “सनातन के ठेकेदारों, भावनाएं आहत हुईं कि नहीं?” इसके बाद उन्होंने कथावाचकों को कथित तौर पर बीजेपी का एजेंट और प्रचारक बताते हुए हिंदुओं को जागरूक रहने की अपील की।
हालांकि, पोस्ट में कांग्रेस नेता ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उसे लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। धार्मिक कथावाचक को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण उनके बयान की आलोचना भी हो रही है।
‘सनातन’ और राजनीति को लेकर छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर धार्मिक मंचों और राजनीति के बीच संबंध को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे कथावाचकों के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं और उनके धार्मिक कार्यक्रमों में भारी भीड़ जुटती है। दूसरी ओर, जब धार्मिक मंच से किसी राजनीतिक नेता की तारीफ या समर्थन जैसा बयान सामने आता है, तो विपक्षी दल उस पर सवाल उठाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता अजय साहू ने भी इसी मुद्दे को आधार बनाकर बीजेपी और धार्मिक कथावाचकों पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि भगवा और सनातन की आड़ में कुछ लोग राजनीतिक प्रचार कर रहे हैं।
वहीं, इस तरह के आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अमित शाह को लेकर दिए बयान पर सियासी चर्चा
पंडित प्रदीप मिश्रा का अमित शाह को शंकर का अवतार बताने वाला कथित बयान ऐसे समय चर्चा में आया है, जब देश की राजनीति में धार्मिक मुद्दे लगातार चर्चा के केंद्र में रहते हैं। अमित शाह केंद्र सरकार के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकारों में उनकी पहचान है।
ऐसे में किसी प्रमुख धार्मिक कथावाचक द्वारा उनकी तुलना भगवान शंकर के अवतार से किए जाने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। यही वजह है कि पुराने वीडियो के दोबारा वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस शुरू हो गई है।
पुराने वीडियो के वायरल होने पर सावधानी जरूरी
इस मामले में यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हालिया घटना समझना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। इसलिए वीडियो के वर्तमान संदर्भ को समझने के लिए उसकी मूल रिकॉर्डिंग, तारीख और पूरा बयान देखना महत्वपूर्ण है।
इसी तरह सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए राजनीतिक आरोपों को भी संबंधित पक्ष के आधिकारिक बयान या स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर ही अंतिम तथ्य माना जाना चाहिए।
अब विवाद किन मुद्दों पर?
इस पूरे मामले में मुख्य रूप से तीन मुद्दे चर्चा में हैं—
- पंडित प्रदीप मिश्रा का कथित बयान, जिसमें उन्होंने अमित शाह को कलयुग में शंकर का अवतार बताया।
- वीडियो के पुराने होने का दावा, जिसके मुताबिक यह करीब एक साल पहले का है और पहलगाम हमले के संदर्भ में दिया गया था।
- कांग्रेस नेता अजय साहू की प्रतिक्रिया, जिसमें उन्होंने वीडियो शेयर कर कथावाचक और बीजेपी पर तीखा राजनीतिक हमला किया तथा आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
फिलहाल इस पुराने वीडियो के दोबारा वायरल होने के बाद मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर बीजेपी और कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।
