रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मौसम विभाग ने 10 सितंबर 2026 से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने सुबह जारी जिला स्तरीय नाउकास्ट में प्रदेश के 27 जिलों के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

आज प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने का खतरा भी बना रहेगा। खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। दिन के समय बादल छाने के बाद कुछ क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश?
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़ों में पाली (कोरबा) में 4 सेंटीमीटर वर्षा सबसे अधिक दर्ज की गई।
इसके अलावा:
- बेलगहना, बिलासपुर – 3 सेमी
- हरदीबाजार, कोरबा – 2 सेमी
- नेरहरपुर, कांकेर – 2 सेमी
- सकरी, बिलासपुर – 1 सेमी
- कोटा, बिलासपुर – 1 सेमी
- घुमका, राजनांदगांव – 1 सेमी
- जशपुरनगर, जशपुर – 1 सेमी
- छिंदगढ़, सुकमा – 1 सेमी
बारिश के बावजूद प्रदेश में मौसमी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 6 प्रतिशत कम बताया गया है। इससे संकेत मिलता है कि मानसून की गतिविधियां कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम रही हैं, हालांकि आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना है।
रायपुर में 34.2 डिग्री पहुंचा तापमान
बारिश और बादलों के बीच रायपुर में गर्मी का असर भी बना हुआ है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान रायपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में यह अंतर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की अलग-अलग परिस्थितियों को दर्शाता है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। शहर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
दोपहर बाद या शाम के समय स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट के ऊपर समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इसके प्रभाव से 10 सितंबर 2026 को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम के बनने के बाद मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मानसून द्रोणिका भी सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यह जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बस्ती, छपरा, पुरुलिया और दीघा होते हुए आगे दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम और मानसून द्रोणिका की स्थिति के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
27 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 10 सितंबर की सुबह 7:15 बजे जिला स्तरीय नाउकास्ट जारी किया है। यह चेतावनी सुबह 10:15 बजे तक प्रभावी बताई गई है।
नाउकास्ट के मुताबिक प्रदेश के 27 जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की आंधी के साथ बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
येलो अलर्ट का मतलब है कि संबंधित क्षेत्रों में मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, तालाबों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
इन 27 जिलों में बारिश और बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन जिलों के कुछ हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं—
सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।
इन जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का खतरा भी रहेगा।
दो दिन बाद भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश का संकेत दिया है। दो दिनों के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है।
इसके साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। यानी प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां पूरी तरह शांत होने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रह सकती हैं।
किसानों के लिए भी अहम है यह बारिश
सितंबर में होने वाली बारिश खेती-किसानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। प्रदेश में इस समय कई इलाकों में खरीफ फसलों की स्थिति बारिश पर निर्भर है। पर्याप्त बारिश होने से धान सहित अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है।
हालांकि जहां भारी बारिश होती है, वहां खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने और भारी बारिश की स्थिति में खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के समय सतर्क रहने, खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
