रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आज से जन संवाद की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। UCC के ड्राफ्ट को लेकर प्रदेश के अलग-अलग वर्गों और संगठनों से सुझाव एवं विचार लेने के उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम की शुरुआत दुर्ग संभाग से की जा रही है। आज और कल संभाग में UCC के मसौदे को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित होंगी।
इस जन संवाद का मुख्य उद्देश्य यह बताया गया है कि समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित ड्राफ्ट में समाज के विभिन्न वर्गों की राय और अपेक्षाओं को उचित स्थान मिल सके। इसके लिए समिति राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, प्रबुद्धजनों और विशिष्ट नागरिकों से भी चर्चा करेगी।

दुर्ग में आज होगी तीन जिलों के प्रतिनिधियों से चर्चा
जन संवाद के पहले चरण की शुरुआत आज दुर्ग से होगी। बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इन जिलों से आने वाले विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ UCC के ड्राफ्ट के अलग-अलग प्रावधानों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि समान नागरिक संहिता को लेकर उनकी क्या राय है और प्रस्तावित मसौदे में किन विषयों को लेकर सुझाव या संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है।
समिति का प्रयास रहेगा कि चर्चा केवल औपचारिक स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अलग-अलग हिस्सों से प्राप्त विचारों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए।
कल राजनांदगांव में चार जिलों के प्रतिनिधियों से मंथन
जन संवाद के दूसरे दिन यानी कल राजनांदगांव में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संभाग के चार जिलों के प्रतिनिधियों के साथ UCC के ड्राफ्ट को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस दौरान अलग-अलग सामाजिक, धार्मिक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि अपने विचार समिति के सामने रख सकेंगे। UCC से जुड़े प्रावधानों को लेकर उनकी चिंताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।
दुर्ग के बाद राजनांदगांव में होने वाली बैठक को भी इस संवाद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
हर वर्ग की आवाज शामिल करने पर जोर
UCC को लेकर शुरू किए जा रहे इस जन संवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू हर वर्ग की भागीदारी है। समिति का उद्देश्य है कि ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया में केवल कानूनी या प्रशासनिक दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के विचार भी शामिल हों।
इसके लिए राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे लोगों को भी चर्चा में शामिल किया जा रहा है, जिनके पास कानून, शिक्षा, समाज और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा व्यापक अनुभव है।
समिति विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर उन्हें UCC के ड्राफ्ट से संबंधित प्रक्रिया में उपयोग करने की दिशा में काम करेगी।
शिक्षाविदों और पद्मश्री सम्मानित हस्तियों को भी बुलाया गया
जन संवाद में समाज के विशिष्ट लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में शिक्षाविदों, पद्मश्री सम्मानित हस्तियों और विशिष्ट नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया है।
इन लोगों से सामाजिक व्यवस्था, पारिवारिक कानून और समान नागरिक संहिता के व्यापक प्रभावों को लेकर सुझाव लिए जा सकते हैं। विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों के अनुभवों को ड्राफ्ट पर चर्चा के दौरान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है UCC?
समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) का सामान्य अर्थ देश के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों से संबंधित एक समान कानूनी व्यवस्था से है। वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और परिवार से जुड़े कुछ मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं।
UCC का उद्देश्य इन व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर एक समान नागरिक कानून की व्यवस्था से जुड़ा है। हालांकि, इसे लागू करने को लेकर देशभर में लंबे समय से अलग-अलग मत रहे हैं। इसके समर्थक इसे समानता और एकरूपता की दिशा में कदम मानते हैं, जबकि विरोध करने वाले पक्ष धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वतंत्रता समेत विभिन्न पहलुओं को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करते रहे हैं।
इसी वजह से छत्तीसगढ़ में UCC के ड्राफ्ट को लेकर जन संवाद की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुझावों के आधार पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
दुर्ग संभाग से शुरू होने वाला यह जन संवाद केवल दो दिनों तक सीमित नहीं रहेगा या आगे प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों से सुझाव लेकर व्यापक राय तैयार करना है।
आज दुर्ग और कल राजनांदगांव में होने वाली बैठकों के दौरान सामने आने वाले सुझावों और विचारों पर विशेष नजर रहेगी। इन चर्चाओं के जरिए यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि समाज के विभिन्न वर्ग UCC के प्रस्तावित ड्राफ्ट को किस नजरिए से देखते हैं और इसमें किन पहलुओं को लेकर उनकी अपेक्षाएं हैं।
UCC जन संवाद का कार्यक्रम एक नजर में
- आज: दुर्ग में जन संवाद की शुरुआत।
- प्रतिनिधि: दुर्ग, बालोद और बेमेतरा।
- कल: राजनांदगांव में अगली बैठक।
- चर्चा: चार जिलों के प्रतिनिधियों के साथ UCC ड्राफ्ट पर मंथन।
- भागीदारी: राजनीतिक दल, सामाजिक एवं धार्मिक संगठन।
- विशेष आमंत्रित: शिक्षाविद, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां और विशिष्ट नागरिक।
- उद्देश्य: UCC ड्राफ्ट में समाज के विभिन्न वर्गों की राय और सुझावों को शामिल करना।
छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर शुरू हो रहा यह जन संवाद इसलिए भी अहम है, क्योंकि मसौदे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाज के अलग-अलग वर्गों की राय सामने आएगी। अब इन बैठकों में होने वाली चर्चा और प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
