बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी है। इसी वजह से बिलासपुर का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि शहर की जनता लंबे समय से जलभराव, बिजली कटौती, एयरपोर्ट विस्तार और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन इन मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।

प्रेस क्लब के ‘पहुना’ कार्यक्रम में शामिल हुए शैलेश पांडेय ने शहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार प्रयासों से संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें दोबारा विधायक बनने का अवसर मिलता है, तो शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, निर्बाध बिजली आपूर्ति और विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से अधिक धनराशि लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
भाजपा नेताओं के बीच तालमेल की कमी का लगाया आरोप
पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं के बीच आपसी तालमेल नहीं बन पा रहा है। उनके मुताबिक, इसका असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर की जनता की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने और उनके समाधान के लिए जिस तरह के प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं किए गए।
पांडेय ने कहा कि बिलासपुर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शहर है और यहां विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके बावजूद शहर की कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा के शासनकाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सत्ता में रहने के बावजूद बिलासपुर के समुचित विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, ये आरोप पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने लगाए हैं।
जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान बनाने पर जोर
बिलासपुर में बारिश के दौरान होने वाला जलभराव शहर की प्रमुख समस्याओं में शामिल है। कई इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
शैलेश पांडेय ने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या का समाधान अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि स्थायी योजना के तहत किया जाना चाहिए। इसके लिए नालों और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ शहरी विकास की दीर्घकालिक योजना तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें दोबारा विधायक बनने का अवसर मिलता है, तो जलभराव की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। उनका जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर रहेगा, जिससे बारिश के दौरान आम लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
शहर के विकास के लिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना, जरूरत के अनुसार बुनियादी ढांचे में सुधार करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा।
बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से राहत दिलाने की बात
प्रेस क्लब के कार्यक्रम में पूर्व विधायक ने बिजली आपूर्ति की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती से परेशानी न हो।
बिजली आपूर्ति में बाधा का असर घरेलू कामकाज के साथ-साथ कारोबार और अन्य गतिविधियों पर भी पड़ता है। ऐसे में व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
पांडेय ने कहा कि शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि अवसर मिलने पर बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार और नाइट लैंडिंग का मुद्दा उठाया
शहर के विकास पर चर्चा करते हुए शैलेश पांडेय ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के विकास, नाइट लैंडिंग की सुविधा और उड़ान सेवाओं के संचालन जैसे विषयों को विधानसभा में उठाया गया है।
उनके अनुसार, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिलासपुर को आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार में मदद मिल सकती है। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की संभावना रहती है।
पांडेय ने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार और उड़ान सेवाओं का बेहतर संचालन शहर की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसके लिए संबंधित स्तरों पर लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, आवश्यक सुविधाओं और उड़ानों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी पहल की जरूरत है।
अरपा नदी का संरक्षण और शहरी विकास भी प्राथमिकता
पूर्व विधायक ने बिलासपुर की पहचान से जुड़ी अरपा नदी के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने नदी को शहर की महत्वपूर्ण पहचान बताते हुए इसके संरक्षण, जल निकासी और शहरी विकास के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया।
नदी और उसके आसपास के क्षेत्र का बेहतर प्रबंधन शहर के पर्यावरण, जल निकासी और भविष्य की विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने की जरूरत है।
पांडेय ने नगर निगम की सीमा के विस्तार और बिलासपुर को बी-ग्रेड सिटी का दर्जा दिलाने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, शहर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
हालांकि, इन योजनाओं के क्रियान्वयन और उनसे जुड़ी वर्तमान स्थिति के बारे में कार्यक्रम में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा पर भी रखी बात
शहर के विकास को केवल सड़क, बिजली और जल निकासी तक सीमित नहीं बताते हुए शैलेश पांडेय ने शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा उपलब्ध कराने और कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों की बात कही।
उन्होंने ई-गवर्नेंस को भी महत्वपूर्ण बताया। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक अधिक आसानी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए तकनीकी संसाधनों के साथ लोगों को डिजिटल सेवाओं के उपयोग के लिए सक्षम बनाना भी आवश्यक है।
पांडेय ने कहा कि शहर के विकास की योजनाओं में कमजोर वर्गों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कोरोना काल में सहायता और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर चिंता
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक ने कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े अपने प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय जरूरतमंदों की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उनका मानना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता के साथ आवश्यक सहायता और पुनर्वास की सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
बोले- शहर की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी है समन्वय
शैलेश पांडेय ने कहा कि बिलासपुर के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उनके मुताबिक, शहर की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब स्थानीय जरूरतों को समझते हुए योजनाएं बनाई जाएं और उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
उन्होंने जलभराव, बिजली आपूर्ति, एयरपोर्ट विस्तार, नदी संरक्षण, शिक्षा और शहरी सुविधाओं को शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे बताया। साथ ही कहा कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करना होगा।
पूर्व विधायक ने दोबारा विधायक बनने का अवसर मिलने पर इन मुद्दों पर काम करने की बात कही। उनके बयान के बाद शहर के विकास और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, प्रेस क्लब के ‘पहुना’ कार्यक्रम में शैलेश पांडेय ने भाजपा के स्थानीय नेतृत्व पर सवाल उठाने के साथ बिलासपुर के विकास से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखा। उनके बयान में जहां राजनीतिक आरोप प्रमुख रहे, वहीं जलभराव, बिजली, एयरपोर्ट और शिक्षा जैसी समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी प्राथमिकताएं भी सामने आईं।
