गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मरवाही वनमंडल क्षेत्र में 62 हाथियों का विशाल दल विचरण कर रहा है। इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के एक साथ मौजूद होने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। हाथियों का यह झुंड लगातार अलग-अलग इलाकों में आवाजाही कर रहा है और इस दौरान किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर रहा है। हाथियों ने खेतों में पहुंचकर धान की खड़ी फसल को रौंद दिया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

इसी बीच हाथियों के इस विशाल दल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ड्रोन से बनाए गए एरियल व्यू वीडियो में बड़ी संख्या में हाथी एक बांध के पानी में उतरकर नहाते और अठखेलियां करते दिखाई दे रहे हैं। पानी में मस्ती करते हाथियों का यह नजारा देखने में काफी आकर्षक है, लेकिन दूसरी ओर इनकी लगातार आवाजाही से ग्रामीणों और किसानों के सामने सुरक्षा और फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
धवाई टिकरा में विचरण कर रहा 62 हाथियों का दल
जानकारी के मुताबिक, मरवाही वनमंडल के धवाई टिकरा इलाके में इन दिनों 62 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यह दल आसपास के जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आवाजाही कर रहा है। हाथियों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि हाथियों का झुंड कब और किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। हाथियों के खेतों के आसपास पहुंचने से किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
बांध में नहाते और मस्ती करते दिखे हाथी
हाथियों के इस विशाल दल का ड्रोन से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में हाथी एक साथ बांध के पानी में उतरकर नहाते नजर आ रहे हैं। कुछ हाथी पानी में अठखेलियां करते दिखाई देते हैं, जबकि पूरा झुंड एक साथ पानी में मौजूद है।
पानी में समय बिताने के बाद हाथियों का यह दल आसपास के खेतों की ओर बढ़ गया। यहां हाथियों ने धान की खड़ी फसल को रौंद दिया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, फसल को नुकसान
धान की फसल किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में फसल तैयार होने के समय हाथियों का खेतों में पहुंचना किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। हाथियों के झुंड ने खेतों में प्रवेश कर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि हाथियों का दल इसी तरह खेतों और आबादी वाले इलाकों के आसपास विचरण करता रहा, तो आने वाले दिनों में फसलों को और नुकसान हो सकता है। साथ ही लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
वन विभाग और हाथी मित्र दल अलर्ट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरवाही वनमंडल का वन अमला पूरी तरह सतर्क है। वन विभाग के कर्मचारी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। हाथी मित्र दल भी निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने के काम में जुटा हुआ है।
वनकर्मियों की टीमें हाथियों की लोकेशन और उनकी आवाजाही पर नजर रख रही हैं, ताकि ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके। विभाग की प्राथमिकता हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकना है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को दी ये जरूरी हिदायतें
हाथियों के बड़े दल की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों के नजदीक जाना या उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ करना खतरनाक साबित हो सकता है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है:
- हाथियों के झुंड से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
- हाथियों को देखने के लिए उनके नजदीक जाने की कोशिश न करें।
- जंगल और हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- अकेले जंगल या खेतों की ओर निकलने से परहेज करें।
- हाथियों को भगाने, डराने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश न करें।
- हाथियों की मौजूदगी या आवाजाही की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
- हाथियों का वीडियो या फोटो बनाने के लिए उनके करीब न जाएं।
ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सतर्क
मरवाही वनमंडल में 62 हाथियों के एक साथ विचरण करने से वन विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है। एक ओर हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की जान-माल और किसानों की फसलों को बचाना भी विभाग के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और हाथियों की लोकेशन से संबंधित सूचना सीधे वन विभाग तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।