रायपुर। महावीर निर्वाण दिवस के अवसर पर 8 नवंबर 2026, रविवार को राजधानी रायपुर में मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस दिन नगर निगम के संपूर्ण क्षेत्र में संचालित सभी मांस-मटन की दुकानें और पशुवध गृह बंद रहेंगे। इतना ही नहीं, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी मांस-मटन बेचने की अनुमति नहीं होगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के पालन में रायपुर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, महावीर निर्वाण दिवस पर धार्मिक भावनाओं और पर्व की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए शहर में मांस-मटन की बिक्री पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध पूरे रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।
सभी मांस-मटन दुकानें और पशुवध गृह रहेंगे बंद
नगर निगम के आदेश के मुताबिक, 8 नवंबर को शहर के सभी पशुवध गृहों में पशुओं का वध नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही मांस-मटन की खुदरा दुकानों को भी पूरे दिन बंद रखना अनिवार्य होगा। दुकानदारों को प्रतिबंध का पालन करना होगा। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी दुकान चोरी-छिपे मांस-मटन की बिक्री न करे।
होटलों और रेस्टोरेंट में भी नहीं बिकेगा मांस-मटन
इस बार प्रतिबंध को लेकर नगर निगम ने विशेष सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भी मांस-मटन की बिक्री पर रोक का पालन कराया जाएगा। यानी केवल खुले बाजार की दुकानें ही नहीं, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इस आदेश का पालन करना होगा।
यदि कोई होटल या प्रतिष्ठान प्रतिबंधित दिन मांस-मटन बेचते हुए पाया जाता है, तो नगर निगम की टीम मौके पर ही मांस-मटन जब्त करेगी। इसके साथ ही संबंधित होटल संचालक, दुकानदार या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जोन स्तर पर अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम के सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी और निरीक्षक मांस-मटन की दुकानों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी नजर रखी जाएगी।
नगर निगम की टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि 8 नवंबर को कहीं भी प्रतिबंध का उल्लंघन न हो। यदि जांच के दौरान कोई प्रतिष्ठान आदेश का पालन नहीं करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
महावीर निर्वाण दिवस का क्या है महत्व?
जैन धर्म में महावीर निर्वाण दिवस का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण कल्याणक के रूप में मनाया जाता है। भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे सिद्धांतों का संदेश दिया था। उनके उपदेशों में सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और अहिंसा को विशेष महत्व दिया गया है।
इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए महावीर निर्वाण दिवस पर कई नगरीय निकायों में मांस-मटन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
आम लोगों के लिए जरूरी सूचना: रायपुर में 8 नवंबर 2026 को मांस-मटन खरीदने या होटल-रेस्टोरेंट में इसका सेवन करने की योजना बना रहे लोगों को ध्यान रखना होगा कि नगर निगम क्षेत्र में इस दिन इसकी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। दुकानदारों और होटल संचालकों को भी पहले से आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।