रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की है। ऐसे में खासकर खुले क्षेत्रों, खेतों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बढ़ाएगा बारिश
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार 12 अगस्त की दोपहर तक यह सिस्टम इसी क्षेत्र में सक्रिय था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ घंटों में यह सिस्टम और स्पष्ट रूप से चिन्हित निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद इसके अवदाब (Depression) में तब्दील होने की संभावना है। सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है, जिससे पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी असर पड़ सकता है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा असर
इस मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा अगले चार दिनों तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पिछले 24 घंटे में इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव ज्यादा रहा।
सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में:
- ओड़गी: 7 सेंटीमीटर
- वाड्रफनगर: 7 सेंटीमीटर
- डौरा कोचली: 7 सेंटीमीटर
- रघुनाथनगर: 5 सेंटीमीटर
- चलगली: 5 सेंटीमीटर
- कुसमी: 5 सेंटीमीटर
- तमनार: 4 सेंटीमीटर
- चांदो: 4 सेंटीमीटर
- अजगरबहार: 3 सेंटीमीटर
- मोहला: 3 सेंटीमीटर
- शंकरगढ़: 3 सेंटीमीटर
इसके अलावा साल्हेवारा, बिहारपुर, रतनपुर, सामरी, खरसिया, कोरबा, जनकपुर भरतपुर, मैनपाट, दरी और घरघोड़ा में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं छाल, कोटाडोल, बलरामपुर, खड़गांव, रायगढ़, मरवाही, राजपुर, धमधा, छुरिया, मनोरा, डौंडीलोहारा और डोंगरगढ़ में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
रायपुर में भी बारिश और गरज-चमक के आसार
राजधानी रायपुर में भी मौसम बदला हुआ रहेगा। 13 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में:
- अधिकतम तापमान: करीब 32°C
- न्यूनतम तापमान: करीब 26°C
- आसमान: मुख्यतः बादल छाए रहने की संभावना
- बारिश: एक-दो बार बारिश/गरज के साथ बौछारें
बारिश के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, लेकिन उमस का असर महसूस हो सकता है।
रायपुर और दुर्ग में 33.2 डिग्री तापमान
12 अगस्त को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रायपुर और दुर्ग में 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
इससे साफ है कि बारिश और बादलों के बावजूद राजधानी में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान:
13 अगस्त: प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार।
14 अगस्त: बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश संभव।
15 अगस्त: उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना रह सकता है। गरज-चमक और वज्रपात की संभावना भी रहेगी।
16 अगस्त: कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। सिस्टम के प्रभाव के कारण मौसम पूरी तरह साफ होने में समय लग सकता है।
किन इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिल सकता है। खासकर बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया, एमसीबी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में पानी बढ़ने और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
वज्रपात को लेकर भी अलर्ट
बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में खड़े होने से बचना चाहिए।
अगर बारिश के दौरान बिजली चमक रही हो तो:
- खुले मैदान में जाने से बचें।
- पेड़ के नीचे खड़े न हों।
- खेतों में काम कर रहे लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।
- नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के पास न जाएं।
- मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मौसम अपडेट
बारिश की यह गतिविधि खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। जिन इलाकों में लंबे समय से बारिश कम हुई है, वहां यह बारिश फसलों के लिए राहत दे सकती है। हालांकि बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
किसानों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखते हुए खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।
खासकर भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। वहीं आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित भवन के अंदर रहना सबसे बेहतर विकल्प है।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून फिर सक्रिय हो रहा है। अगले तीन दिन उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए खासे महत्वपूर्ण हैं, जहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बना रहेगा। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बादल, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।
