रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र-2026 का आज पांचवां और अंतिम दिन है। सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आज प्रश्नकाल, शासकीय कार्य, विभिन्न प्रतिवेदन पेश किए जाने के साथ-साथ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इसके चलते सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
आज के प्रश्नकाल में—
- महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
- खाद्य मंत्री दयालदास बघेल
सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देंगे।
इसके बाद शासकीय कार्य संपन्न होंगे और दिन के अंतिम ढाई घंटे अशासकीय कार्यों के लिए निर्धारित रहेंगे।
वित्त मंत्री पेश करेंगे CAG की रिपोर्ट
आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन के पटल पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की स्थानीय निकायों से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
यह रिपोर्ट नगर निगमों, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा खर्चों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आधारित होती है। रिपोर्ट के माध्यम से स्थानीय निकायों में वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है।
कई विधायक रखेंगे प्रतिवेदन
सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक—
- गोमती साय
- धर्मजीत सिंह
- भैयालाल राजवाड़े
भी विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
अविश्वास प्रस्ताव पर होगी अहम चर्चा
आज की सबसे महत्वपूर्ण कार्यवाही राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वीकार करते हुए अंतिम दिन चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया था।
आज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सदन में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे और सरकार के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को विस्तार से रखेंगे। इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से जवाब दिया जाएगा।
राज्य गठन के बाद दसवां अविश्वास प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद विधानसभा में यह दसवां अविश्वास प्रस्ताव है।
इससे पहले राज्य में विभिन्न सरकारों के खिलाफ नौ अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन विधानसभा में बहुमत न मिलने के कारण कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। इस बार भी सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, हालांकि चर्चा के दौरान कई राजनीतिक मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
चौथे दिन फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव का मुद्दा रहा हावी
मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योगों को भूमि आवंटन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर जिले के तिल्दा जनपद के ग्राम अल्दा में कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव के आधार पर भूमि आवंटन का मामला उठाया।
इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्वीकार किया कि ग्रामसभा प्रस्ताव में कथित जालसाजी की शिकायत मिली है और इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
विपक्ष ने किया बहिर्गमन
मंत्री के जवाब के बाद भूपेश बघेल ने संबंधित उद्योग को किया गया भूमि आवंटन निरस्त करने तथा दोषी सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की और इसके बाद विधानसभा से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
दो महत्वपूर्ण विधेयक हुए पारित
चौथे दिन सदन ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को ध्वनिमत से पारित किया—
- छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026
- छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा (संशोधन) विधेयक
सरकार का कहना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि अग्निशमन संशोधन कानून से आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
अंतिम दिन रहेंगे राजनीतिक तेवर
मानसून सत्र के अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा, जबकि सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और योजनाओं के आधार पर जवाब देगा।
ऐसे में विधानसभा का अंतिम दिन राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के कारण पूरे प्रदेश की नजरों का केंद्र बना रहेगा।
