रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। बंगाल की खाड़ी से उठे इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को अभी पूरी तरह बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का शेष प्रभाव अब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। सिस्टम के कमजोर पड़ने के साथ ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को भी बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शहर में आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन के दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बादलों के कारण मौसम में नमी बनी रहने की संभावना है।
रायपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और बादलों की स्थिति के अनुसार स्थानीय मौसम में बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का ज्यादा असर
चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा मैदानी और उत्तरी हिस्सों के कुछ स्थानों पर भी वर्षा हुई। कई जगहों पर बारिश के कारण मौसम ठंडा रहा और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
वर्षा के मुख्य आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई।
इसके अलावा माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा हुई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मौसमी सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिला है। कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक बारिश हुई, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।
दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान, पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान
गुरुवार को प्रदेश में बारिश और बादलों के कारण तापमान में बदलाव दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। सामान्य तौर पर इस समय प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने लगता है, लेकिन चक्रवाती सिस्टम के कारण इस बार बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
30 अक्टूबर तक कमजोर हो सकता है मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, अवदाब लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था।
पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम आगे भी उत्तर दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके 30 अक्टूबर की सुबह तक कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी मौसमी सिस्टम के कमजोर होने से आमतौर पर उससे जुड़ी बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, सिस्टम की स्थिति, उसकी गति और वातावरण में नमी जैसे कारकों के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव बना रह सकता है।
क्या अब बारिश से मिलेगी राहत?
चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने की संभावना के बीच प्रदेशवासियों को धीरे-धीरे बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, शुक्रवार को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मौसम फिलहाल पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसमी सिस्टम के कमजोर होने के साथ आने वाले समय में बारिश का दायरा और तीव्रता घट सकती है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
