हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी ITC Hotels ने वित्त वर्ष 2026-27 (Q1 FY27) की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है। शानदार नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने कंपनी के शेयर पर अपना भरोसा बरकरार रखते हुए ‘Buy’ (खरीदें) रेटिंग दोहराई है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 239 रुपये से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके बावजूद यह लक्ष्य BSE पर मौजूदा बाजार भाव 172.45 रुपये की तुलना में करीब 36% की संभावित बढ़त (Upside) दर्शाता है।
Q1 FY27 में कंपनी का शानदार प्रदर्शन
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ITC Hotels ने मुनाफे और आय दोनों मोर्चों पर मजबूत वृद्धि दर्ज की।
शुद्ध मुनाफा (Net Profit)
- Q1 FY27: 180.25 करोड़ रुपये
- Q1 FY26: 133.10 करोड़ रुपये
यानी कंपनी का शुद्ध लाभ 35.4% सालाना (YoY) बढ़ा।
यह बढ़ोतरी बेहतर होटल संचालन, मजबूत मांग और बेहतर परिचालन दक्षता का संकेत मानी जा रही है।
रेवेन्यू में भी दो अंकों की वृद्धि
कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर:
- 936.02 करोड़ रुपये
रहा, जबकि पिछले वर्ष समान तिमाही में यह:
- 815.54 करोड़ रुपये
था।
इस तरह कंपनी के राजस्व में 14.77% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
EBITDA और मार्जिन में सुधार
कंपनी की परिचालन लाभप्रदता (EBITDA) भी मजबूत रही।
EBITDA
- Q1 FY27: 292.3 करोड़ रुपये
- सालाना वृद्धि: 19.6%
EBITDA Margin
- बढ़कर 31.2% पहुंच गया।
बेहतर मार्जिन यह दर्शाता है कि बढ़ती लागत के बावजूद कंपनी ने परिचालन खर्चों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया।
खर्च भी बढ़ा
हालांकि, कंपनी का कुल खर्च भी बढ़ा।
- Q1 FY27: 750 करोड़ रुपये
- Q1 FY26: 674.97 करोड़ रुपये
यानी लागत में वृद्धि के बावजूद कंपनी ने बेहतर लाभ कमाने में सफलता हासिल की।
ICICI Securities क्यों है बुलिश?
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ITC Hotels का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा।
रिपोर्ट के अनुसार:
- अप्रैल 2026 में भू-राजनीतिक तनाव का असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा था।
- इसके बावजूद कंपनी ने
- होटल रेवेन्यू में 10%
- होटल EBITDA में 13%
की सालाना वृद्धि दर्ज की।
यह कंपनी की मजबूत ब्रांड पोजिशन और प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।
आगे की ग्रोथ को लेकर क्या उम्मीद?
ICICI Securities का मानना है कि:
- जुलाई-सितंबर 2026 (Q2) में कारोबार में रिकवरी जारी रहेगी।
- अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच त्योहारों, शादी के सीजन और कॉर्पोरेट ट्रैवल की वजह से होटल उद्योग की मांग और मजबूत होगी।
आने वाले वर्षों का ग्रोथ आउटलुक
ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए निम्नलिखित अनुमान दिए हैं:
RevPAR (Revenue Per Available Room)
- लगभग 9% CAGR
RevPAR होटल उद्योग का अहम संकेतक होता है, जो प्रति उपलब्ध कमरे से होने वाली आय को दर्शाता है।
Management Fee
- लगभग 16% CAGR
यह आय कंपनी द्वारा मैनेज किए जा रहे होटलों से मिलने वाली फीस को दर्शाती है।
Consolidated Revenue
- लगभग 11% CAGR
EBITDA
- लगभग 14% CAGR
इन अनुमानों से संकेत मिलता है कि अगले कुछ वर्षों में कंपनी की आय और मुनाफा लगातार बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए संभावित जोखिम
हालांकि ब्रोकरेज कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक है, लेकिन कुछ जोखिम भी बताए गए हैं।
1. होटल ऑक्यूपेंसी कम रहना
यदि कमरों की बुकिंग उम्मीद से कम रही, तो आय प्रभावित हो सकती है।
2. नए होटल प्रोजेक्ट्स में देरी
नई परियोजनाओं के समय पर शुरू न होने से विस्तार योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
3. ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कमजोरी
यदि आर्थिक परिस्थितियों या वैश्विक घटनाओं के कारण पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल कम होता है, तो कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है।
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
हाल के महीनों में शेयर में दबाव देखने को मिला है।
प्रमुख आंकड़े
- मार्केट कैप: 35,900 करोड़ रुपये से अधिक
- इंडेक्स: BSE 500
- फेस वैल्यू: 1 रुपये
शेयर रिटर्न
- पिछले 1 वर्ष में: लगभग 30% की गिरावट
- पिछले 1 सप्ताह में: करीब 8% की गिरावट
52-Week Range
- हाई: 261.35 रुपये
- लो: 137.40 रुपये
क्या निवेशकों के लिए अवसर है?
ICICI Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद कंपनी की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
मौजूदा भाव 172.45 रुपये की तुलना में 235 रुपये का लक्ष्य करीब 36% संभावित अपसाइड दर्शाता है।
यदि होटल उद्योग में मांग बढ़ती है और कंपनी अनुमान के अनुसार प्रदर्शन करती है, तो आने वाले समय में शेयर में अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
