रायपुर में बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस ने महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर जनसंपर्क अभियान शुरू करते हुए लोगों से सीधे संवाद किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अनुपम गार्डन, डंगनिया, डीडी नगर सहित आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की और स्मार्ट मीटर हटाने अथवा बदलने के लिए आवेदन पत्र वितरित किए।

घर-घर पहुंची कांग्रेस
अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नागरिकों से बिजली बिलों को लेकर उनकी समस्याएं सुनीं। पार्टी नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
इसी को लेकर लोगों को आवेदन पत्र दिए गए, ताकि वे अपनी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें।
कांग्रेस का आरोप – बढ़ गया है आर्थिक बोझ
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में बढ़े हुए बिजली बिल आम लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहे हैं।
पार्टी का दावा है कि जनता की शिकायतों को देखते हुए सरकार को स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए और जिन उपभोक्ताओं को समस्या हो रही है, उन्हें राहत दी जानी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने सरकार पर साधा निशाना
अभियान के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
उन्होंने कहा कि जनता की ओर से लगातार आपत्तियां और शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
विकास उपाध्याय ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्य में भी स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार ने सावधानी बरती, जबकि छत्तीसगढ़ में लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
जनहित की लड़ाई जारी रखने का दावा
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी हमेशा जनहित के मुद्दों को उठाती रही है और आगे भी जनता की आवाज बनकर काम करेगी। नेताओं का कहना है कि यदि बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी।
व्यापक आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ और महंगी बिजली का मुद्दा जस का तस बना रहा, तो पार्टी प्रदेशव्यापी जनआंदोलन छेड़ेगी।
अभियान में कई नेता रहे मौजूद
इस जनसंपर्क अभियान में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से देव साहू, संदीप शर्मा, कुलदीप, शिवश्याम शुक्ला, मन्नू वाजपेयी, योगेश दीक्षित, भीम यादव, ईश्वरी, संदीप सिरमौर, अमन गिल, विजय गीधवानी, श्रीनाथ भोगल, वेदप्रकाश कुशवाहा, अजित और किशन गोस्वामी मौजूद रहे।
राजनीतिक मुद्दा बना स्मार्ट मीटर
प्रदेश में स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर कांग्रेस इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए विरोध कर रही है, वहीं सरकार की ओर से इस विषय पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल कांग्रेस ने जनसंपर्क अभियान के जरिए इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने की रणनीति अपनाई है।
