ICC Women’s T20 World Cup 2026
लंदन। महिला टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान का अभियान बेहद निराशाजनक रहा। साउथैम्पटन के रोज़ बाउल स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ 23 रन की हार के साथ पाकिस्तान की टीम लगातार तीसरी हार झेलते हुए सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि टीम अब तक टूर्नामेंट में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है।
टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के मुख्य कोच वहाब रियाज ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपनी टीम पर डाली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को किसी विरोधी टीम ने नहीं हराया, बल्कि टीम ने अपनी गलतियों और खराब प्रदर्शन के कारण खुद अपने मौके गंवा दिए।

“हमने खुद को हराया”
मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वहाब रियाज ने कहा कि विश्व कप से बाहर होना बेहद निराशाजनक है।
उन्होंने कहा,
“मेरे हिसाब से किसी दूसरी टीम ने हमें वास्तव में नहीं हराया। हमने खुद को हराया है। दोनों बातों में बड़ा अंतर होता है। जब सामने वाली टीम आपसे बेहतर खेलती है तो उसका श्रेय उसे देना चाहिए, लेकिन हमारे मामले में हमने अपने ही प्रदर्शन से मैच गंवाए।”
उन्होंने कहा कि टीम लगातार तीन मुकाबलों में अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी और अहम मौकों पर दबाव को संभालने में विफल रही।
बांग्लादेश के खिलाफ अच्छी शुरुआत के बाद बिखरी बल्लेबाजी
बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 124 रन का लक्ष्य रखा था।
लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने 11 ओवर तक केवल दो विकेट गंवाकर 69 रन बना लिए थे और टीम मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी। लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई।
मध्यक्रम के बल्लेबाज तेजी से आउट होते गए और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर केवल 100 रन ही बना सकी। इस तरह पाकिस्तान को 23 रन से हार का सामना करना पड़ा।
पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी कमजोरी
पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या पूरे टूर्नामेंट में उसकी बल्लेबाजी रही।
भारत के खिलाफ
Pakistan women’s national cricket team ने पावरप्ले में एक विकेट पर 51 रन बनाकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनरों दीप्ति शर्मा और श्री चरानी ने मैच का रुख बदल दिया और पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखर गई।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ
South Africa women’s national cricket team के तेज गेंदबाजी आक्रमण ने पाकिस्तान को सिर्फ 50 रन पर 8 विकेट तक पहुंचा दिया।
शबनीम इस्माइल, मारिज़ैन कैप और अयाबोंगा खाका की गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान पूरी तरह संघर्ष करता नजर आया।
हालांकि कप्तान फ़ातिमा सना ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 55 रन बनाए और तीन विकेट भी लिए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं।
बांग्लादेश के खिलाफ
बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही।
ओपनर मुनीबा अली और गुल फ़िरोज़ा ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े, लेकिन इसके बाद मध्यक्रम फिर नाकाम रहा और टीम मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
अब सिर्फ सम्मान बचाने की चुनौती
लगातार तीन हार के बाद पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी हैं।
अब टीम के दो ग्रुप मुकाबले बाकी हैं—
- 23 जून को Australia women’s national cricket team के खिलाफ।
- 27 जून को Netherlands women’s national cricket team के खिलाफ।
इन मुकाबलों में पाकिस्तान की कोशिश पहली जीत दर्ज करने और सम्मान के साथ टूर्नामेंट का समापन करने की होगी।
आत्ममंथन की जरूरत
पाकिस्तान के प्रदर्शन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि टीम को बल्लेबाजी में निरंतरता, दबाव में बेहतर फैसले और मध्यक्रम को मजबूत बनाने की जरूरत है। कोच वहाब रियाज ने भी स्वीकार किया कि हार का कारण विरोधी टीमों का दबदबा नहीं, बल्कि पाकिस्तान की अपनी गलतियां और अहम मौकों पर खराब प्रदर्शन रहा। अब टीम प्रबंधन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले इन कमजोरियों को दूर करने की दिशा में काम करेगा।
