रायपुर। छत्तीसगढ़ की महान समाजसेविका और जननेता मिनीमाता की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर में आज 11 अगस्त को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। न्यू बस स्टैंड पंडरी स्थित मिनीमाता की प्रतिमा के सामने सुबह 11 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम होगा। इस दौरान उपस्थितजन उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके सामाजिक योगदान को याद करेंगे और श्रद्धांजलि देंगे।

प्रतिमा स्थल पर की गई विशेष तैयारियां
कार्यक्रम को लेकर नगर निगम की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर निगम के संस्कृति विभाग और जोन क्रमांक-2 द्वारा कार्यक्रम स्थल की विशेष साफ-सफाई कराई गई है। इसके साथ ही प्रतिमा स्थल पर पुष्प सज्जा सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से आयोजित हो सके।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और शहरवासी शामिल होकर मिनीमाता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करेंगे।
सामाजिक योगदान को किया जाएगा याद
मिनीमाता को छत्तीसगढ़ की प्रमुख समाजसेविकाओं और जननेताओं में शामिल किया जाता है। उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के हितों के लिए लगातार काम किया। उनके जीवन का बड़ा हिस्सा सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा से जुड़ा रहा।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा के योगदान को याद किया जाएगा। उपस्थित लोग उनके विचारों और समाज के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
मिनीमाता की स्मृति में जुटेंगे लोग
रायपुर के न्यू बस स्टैंड पंडरी स्थित प्रतिमा स्थल पर होने वाला यह कार्यक्रम मिनीमाता की स्मृतियों को सम्मान देने का अवसर होगा। सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले पुष्पांजलि कार्यक्रम में लोग उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे।
नगर निगम की ओर से कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, सजावट और अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। पुण्यतिथि के अवसर पर मिनीमाता के समाज सुधार और जनसेवा के कार्यों को याद करते हुए उनके बताए सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया जाएगा।
कौन थीं मिनीमाता?
मिनीमाता छत्तीसगढ़ के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली जननेता थीं। उन्होंने समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों तथा सामाजिक उत्थान के लिए काम किया। उनका जीवन सामाजिक समानता, शिक्षा, महिला उत्थान और जनसेवा जैसे विषयों के प्रति समर्पित रहा।
उनकी पुण्यतिथि पर हर साल विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रायपुर में भी प्रतिमा स्थल पर होने वाला कार्यक्रम उनके योगदान को याद करने और नई पीढ़ी को उनके सामाजिक कार्यों से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।
