रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की कर व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबारियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तावित संशोधनों के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा करते हुए उन्हें व्यापार और उद्योग के लिए अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

कर प्रणाली को बनाया जाएगा अधिक सरल और पारदर्शी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित संशोधनों का मुख्य उद्देश्य राज्य की कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यवसाय-अनुकूल बनाना है।
सरकार का प्रयास है कि कारोबारियों को कर संबंधी प्रक्रियाओं में कम से कम जटिलताओं का सामना करना पड़े, जिससे व्यापार करना आसान हो और अनुपालन (Compliance) भी बेहतर हो सके।
पोस्ट सेल डिस्काउंट के नियम होंगे आसान
प्रस्तावित संशोधन के तहत बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट (Post Sale Discount) से जुड़े प्रावधानों को सरल बनाया जाएगा।
अभी कई मामलों में व्यापारियों को पोस्ट सेल डिस्काउंट के कारण कर निर्धारण और दस्तावेजी प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए प्रावधान लागू होने के बाद इन प्रक्रियाओं में अधिक स्पष्टता आएगी और विवादों की संभावना भी कम होगी।
क्रेडिट नोट प्रक्रिया में आएगी स्पष्टता
बैठक में क्रेडिट नोट से संबंधित नियमों को भी अधिक स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने पर चर्चा हुई।
इससे व्यापारियों को कर समायोजन (Tax Adjustment) करने में सुविधा मिलेगी और अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताओं से राहत मिलेगी।
रिफंड प्रक्रिया होगी आसान, कारोबारियों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित संशोधनों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य GST रिफंड प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना भी है।
सरकार का मानना है कि रिफंड संबंधी प्रावधानों में सुधार होने से व्यापारियों की वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। समय पर रिफंड मिलने से उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों की नकदी प्रवाह (Cash Flow) बेहतर होगा।
छोटे निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत
बैठक में यह भी बताया गया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्यात करने वाले छोटे निर्यातकों को भी प्रस्तावित संशोधनों से लाभ मिलेगा।
रिफंड प्रक्रिया को अधिक सरल बनाए जाने से छोटे निर्यातकों को अपने कर रिफंड प्राप्त करने में कम समय लगेगा, जिससे उनके कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से—
- विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत
- वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल
- सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत
- संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी
उपस्थित रहे।
कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्य सरकार का मानना है कि इन संशोधनों के लागू होने से कर व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, व्यापारियों की अनुपालन लागत कम होगी और निवेश व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को भी राहत मिलेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
