Health Desk: आज के समय में फिटनेस और हेल्दी डाइट की बात होते ही सबसे पहले प्रोटीन का जिक्र होने लगता है। सोशल मीडिया पर भी हाई-प्रोटीन डाइट, प्रोटीन पाउडर और प्रोटीन स्नैक्स को लेकर खूब चर्चा होती है। लेकिन क्या ज्यादा प्रोटीन खाना ही स्वस्थ रहने का फॉर्मूला है? अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने इस सवाल पर लोगों का ध्यान एक जरूरी बात की ओर खींचा है।
वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में मुन्ना त्रिपाठी का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए दिव्येंदु शर्मा ने 2 अक्टूबर को Dettol Banega Swasth India के मंच पर कहा कि सिर्फ प्रोटीन का सेवन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। व्यक्ति की जरूरत उसके बॉडी टाइप और जीवनशैली के हिसाब से तय होनी चाहिए।

हर किसी के लिए एक जैसी प्रोटीन डाइट नहीं
दिव्येंदु के मुताबिक, प्रोटीन को लेकर लोगों को सिर्फ ट्रेंड या सोशल मीडिया की सलाह के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। शरीर की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है।
इस मुद्दे पर यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन, डायबेटोलॉजिस्ट और क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. सोमनाथ गुप्ता ने भी जरूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में लोगों के बीच फिटनेस और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसी के साथ प्रोटीन को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं भी सामने आई हैं।
डॉक्टर के अनुसार, जो व्यक्ति रोजाना जिम या कोई कठिन शारीरिक गतिविधि करता है, उसकी प्रोटीन की जरूरत ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले व्यक्ति से अलग हो सकती है। इसी तरह बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और खिलाड़ियों की पोषण संबंधी जरूरतें भी एक जैसी नहीं होतीं।
उम्र और एक्टिविटी के हिसाब से बदलती है जरूरत
डॉ. सोमनाथ का कहना है कि किसी व्यक्ति के लिए प्रोटीन की जरूरत तय करते समय उसकी उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
ऐसे में किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट देखकर उसी मात्रा में प्रोटीन लेना सही तरीका नहीं है। सिर्फ फिटनेस ट्रेंड को फॉलो करने के लिए प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना लंबे समय में जरूरी नहीं कि फायदेमंद साबित हो।
खाने की टेबल पर पोषण की भी हो चर्चा
दिव्येंदु शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि परिवार में खाने की मेज पर सिर्फ स्वाद और पसंद की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रोटीन और पोषण को लेकर भी चर्चा होनी चाहिए।
डॉ. सोमनाथ ने भी इस विचार को महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, परिवार के सदस्यों को यह समझना चाहिए कि उनकी रोजाना की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन, मिनरल्स और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शामिल हैं या नहीं।
सिर्फ प्रोटीन नहीं, बैलेंस डाइट भी जरूरी
एक स्वस्थ शरीर के लिए केवल प्रोटीन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। डाइट में प्रोटीन के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन भी होना चाहिए। इसलिए अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने या प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरत को समझना ज्यादा जरूरी है।
