नया रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने के दौरान मकानों को तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने गरीब परिवारों के साथ अन्याय किया है और बिना उचित पुनर्वास के उनके घर तोड़ दिए।
मुख्यमंत्री का पुतला दहन, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
जगदलपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नकटी गांव में हुई कार्रवाई को अमानवीय बताया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई करनी चाहिए थी।
कांग्रेस का आरोप—85 से अधिक गरीब परिवार हुए प्रभावित
कांग्रेस का दावा है कि नकटी गांव में 85 से अधिक गरीब परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। पार्टी का कहना है कि इनमें ऐसे मकान भी शामिल थे, जो सरकारी आवास योजनाओं के तहत बनाए गए थे।
कांग्रेस के अनुसार, जिन परिवारों के घर टूटे हैं, वे वर्षों से वहां रह रहे थे और अचानक की गई कार्रवाई से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
“गरीबों के साथ अन्याय और संवेदनहीनता”
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई को गरीबों के खिलाफ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त मानवीय दृष्टिकोण अपनाए लोगों को बेघर कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर गरीबों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है और प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
विधायक नहीं स्वीकार करेंगे प्रस्तावित आवास
दीपक बैज ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस विधायक नकटी में प्रस्तावित आवास स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार का विरोध जारी रखेगी।
भाजपा पर दोहरी नीति का आरोप
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि एक ओर सरकार गरीब कल्याण की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों के मकान तोड़कर उन्हें बेघर किया जा रहा है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि नकटी गांव का मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा। प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी पूरे छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और न्याय की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
अब आगे क्या?
नकटी गांव की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर सरकार अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे गरीब परिवारों के अधिकारों का उल्लंघन बता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
