रायपुर। रमेन डेका से शुक्रवार को राजभवन स्थित लोकभवन में सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सुश्री सुगंधा जैन वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस जिम्मेदारी के तहत वे सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में कानूनी पक्ष प्रस्तुत करती हैं। कम उम्र में इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन उनकी विधिक क्षमता और पेशेवर दक्षता का प्रमाण माना जा रहा है।
भेंट के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने न्यायिक क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिभाशाली युवा देश और राज्य का गौरव बढ़ाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सुश्री जैन भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगी तथा अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।

सुश्री सुगंधा जैन न्यायिक क्षेत्र के साथ-साथ शिक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA), जो राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के अंतर्गत कार्यरत है, में बाहरी पॉश (POSH) प्रशिक्षक के रूप में भी सेवाएं दे रही हैं। इस भूमिका में वे कार्यस्थलों पर महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न की रोकथाम और जागरूकता से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में योगदान देती हैं।
उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता शामिल है, जहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए जज (निर्णायक) की भूमिका निभाई। वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जज बनने वाली पहली भारतीय बनीं, जिसने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस उपलब्धि को भारतीय विधि जगत के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय प्रतिभाओं की बढ़ती उपस्थिति देश की न्यायिक और शैक्षणिक क्षमता को वैश्विक पहचान दिला रही है। उन्होंने सुश्री जैन को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश और राज्य का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सुश्री सुगंधा जैन की माता इंदिरा जैन भी उपस्थित रहीं। मुलाकात के दौरान विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई और राज्यपाल ने परिवार को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
