बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सिमगा में गणेश विसर्जन के दौरान झांकी पर कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर माहौल गरमा गया है। शनिवार रात हुई घटना के विरोध में रविवार सुबह कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-130 पर चक्काजाम कर दिया है।

घटना के विरोध में सिमगा बंद का भी आह्वान किया गया है। बंद के समर्थन में नगर के अधिकांश दुकानदारों ने सुबह से अपनी दुकानें बंद रखीं। इससे शहर के बाजार क्षेत्र में भी सन्नाटा नजर आया।
जय स्तंभ चौक पर धरना, बड़ी संख्या में लोग जुटे
पुलिस कार्रवाई के विरोध में जय स्तंभ चौक पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। यहां कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गणेश विसर्जन के लिए निकाली गई झांकी के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
SDOP और थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में भाटापारा SDOP, सिमगा थाना प्रभारी और घटना में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों का तत्काल निलंबन शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
NH-130 पर चक्काजाम से यातायात प्रभावित
प्रदर्शन के कारण नेशनल हाईवे-130 पर यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के चलते वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। प्रशासन और पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर लाठीचार्ज की परिस्थितियों और कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में घटना के आरोपों और पुलिस के पक्ष, दोनों को सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विसर्जन झांकी के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। कांग्रेस और भाजपा समेत विभिन्न दलों के स्थानीय नेताओं के एक मंच पर आने से प्रशासन पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
